गोपालगंज में 19 साल बाद शिक्षक पर कार्रवाई, प्रमाणपत्रों की जांच में सामने आयीं गड़बड़ियां

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गोपालगंज के बैकुण्ठपुर में एक शिक्षक पर नियोजन के करीब 19 साल बाद कार्रवाई हुई है. उनकी दिव्यांगता और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच में चौंकाने वाली विसंगतियां मिली हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है.

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Gopalganj News : बैकुण्ठपुर प्रखंड के उमावि बनकटी उत्तर में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक पंकज कुमार पर शिक्षा विभाग ने नियोजन के करीब 19 साल बाद कार्रवाई की है. वर्ष 2007 में हुए उनके नियोजन की वैधता को लेकर मिली शिकायत के बाद विभागीय जांच करायी गयी. जांच के दौरान दिव्यांगता और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को लेकर गंभीर सवाल सामने आये. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार पांडेय ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.

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डीईओ ने बताया कि शिकायतकर्ता संतोष कुँवर के परिवाद पर 20 अगस्त को शिक्षक की सुनवाई हुई थी. इस दौरान शिक्षक ने अपने शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक और दिव्यांगता प्रमाणपत्र विभाग के समक्ष प्रस्तुत किये.

नियोजन के सात साल बाद जारी हुआ दिव्यांगता प्रमाणपत्र

जांच के दौरान शिक्षक का दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बैकुण्ठपुर से 13 अक्तूबर 2014 को जारी पाया गया. जबकि उनका नियोजन 9 मार्च 2007 को हुआ था. इस तरह नियोजन के करीब सात साल बाद दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी होने की बात सामने आयी. इसी बिंदु को लेकर विभाग ने प्रमाणपत्र की वैधता और नियोजन प्रक्रिया पर सवाल उठाये.

2001 के प्रमाणपत्र को लेकर भी जांच में सामने आयी विसंगति

शिकायतकर्ता की ओर से विभाग को 13 फरवरी 2001 को असैनिक शल्य चिकित्सा पदाधिकारी, पटना द्वारा जारी बताया गया एक दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराया गया था. विभागीय आदेश के अनुसार, पटना कार्यालय ने पत्र के माध्यम से बताया कि वर्ष 2001 में इस प्रकार का प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया था.

वहीं, शिक्षक ने इस प्रमाणपत्र को अपना मानने से इनकार किया. मध्यमा परीक्षा के अंकपत्र और विद्यालय परित्याग प्रमाणपत्र में भी नाम पंकज कुंवर दर्ज पाया गया, लेकिन शिक्षक ने इन प्रमाणपत्रों को भी अपना मानने से इनकार किया.

धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में शुरू हुई अनुशासनिक कार्रवाई

विभाग ने प्रथम दृष्टया शिक्षक पर धोखाधड़ी, जालसाजी, विभाग को गुमराह कर नियोजन कराने, कर्तव्यहीनता और अवैध रूप से वेतन भुगतान लेने जैसे आरोप लगाये हैं. इन आरोपों के आधार पर शिक्षक को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.

विजयीपुर बीआरसी में बनाया गया निलंबन अवधि का मुख्यालय

निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, विजयीपुर निर्धारित किया गया है. विभाग अब मामले में आगे की अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करेगा.

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