सूख गये मनरेगा के पौधे, मातम मना रही चचरी

Updated:
विज्ञापन

बरौली : मनरेगा के तहत लगाये गये पौधे बड़े होकर पेड़ बनने के बजाय सूख गये हैं और उनकी सुरक्षा के लिए लगी चचरी मातम मना रही है. 1.34 लाख खर्च कर लगे 400 पौधों को पालने के लिए चापाकल गाड़े गये और वनपोषकों की तैनाती की गयी. इसके बावजूद पौधों का सूख जाना विभागीय […]

विज्ञापन

बरौली : मनरेगा के तहत लगाये गये पौधे बड़े होकर पेड़ बनने के बजाय सूख गये हैं और उनकी सुरक्षा के लिए लगी चचरी मातम मना रही है. 1.34 लाख खर्च कर लगे 400 पौधों को पालने के लिए चापाकल गाड़े गये और वनपोषकों की तैनाती की गयी. इसके बावजूद पौधों का सूख जाना विभागीय कार्य शैली पर सवाल खड़ा कर रहा है.

आपके शहर में

विज्ञापन

प्रखंड की बघेजी पंचायत में मनरेगा के तहत नवंबर 2016 में पंचरुखिया से बलहां जाने वाली पक्की सड़क के किनारे दोनों ओर आम, कटहल, सागवान, शीशम, गम्हार आदि के चार सौ पौधे लगाये गये थे.

स्थानीय प्रशासन ने सड़क के दोनों ओर पहले मीट्टी भरकर टिला बनवाया, फिर बांस की चचरी पौधों की सुरक्षा के लिए बनायी गयी. अब एक भी पौधा नहीं हैं, केवल चचरी बची है. पौधे की देखभाल के लिए विभाग ने चार वनपोषकों की तैनाती करने के साथ कई चापाकल भी गाड़े थे.
फिर भी सभी पौधे सूख गये और केवल बांस की चचरी इन पौधों की कब्र पर खड़ी है. हैरत की बात यह है कि जिन पर इन योजनाओं के क्रियान्वयन जिम्मेदारी है, वे विफलता का दोष जनप्रतिनिधियों पर जड़ रहे हैं. पर्यावरण प्रेमी डॉ राजीव रंजन व समाजसेवी कृष्णबिहारी सिंह कहते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग का खतरा सामने आ चुका है. ऐसी स्थिति में भी लोग वानिकी योजना से खिलवाड़ कर आगे की पीढ़ी को गर्त में ढकेल रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
बागवानी मिशन के तहत लगाये गये पौधे कि देख-रेख की जिम्मेदारी संबंधित पंचायतों के मुखिया एवं रोजगार सेवक को थी. पौधे कैसे सूखे इसकी जांच की जायेगी एवं गड़बड़ी पाये जाने पर कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को अनुशंसा की जायेगी.
अश्विनी कुमार झा, मनरेगा पीओ, बरौली
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन