गया जी: नये प्रस्तावित अधिनियम के खिलाफ मगध विश्वविद्यालय में शिक्षक व कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, काला बिल्ला लगाकर किया काम

Updated:
विज्ञापन

काला बिल्ला लगा कर कामकाज करते एमयू के कर्मचारी | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

मगध विश्वविद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी राज्य सरकार के प्रस्तावित 'विश्वविद्यालय अधिनियम-2026' का कड़ा विरोध कर रहे हैं. स्वायत्तता पर हमले के खिलाफ शिक्षक संघ और कर्मचारी संघ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

विज्ञापन

Gaya Ji News: राज्य सरकार द्वारा लाए जा रहे 'विश्वविद्यालय अधिनियम-2026' के विरोध में मगध विश्वविद्यालय (MU) के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी पूरी तरह एकजुट हो गए हैं. बुधवार को मगध विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर शिक्षक संघ और शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने एक साथ आकर विरोध का बिगुल फूंक दिया. जहां एक तरफ स्नातकोत्तर शिक्षक संघ ने बैठक कर विधेयक के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया, वहीं दूसरी ओर सुबोध कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बांह पर काला बिल्ला बांधकर अपना कड़ा प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया.

विज्ञापन

नवगठित शिक्षक कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण

विरोध प्रदर्शन से पूर्व स्नातकोत्तर शिक्षक संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ. इसमें:

  • अध्यक्ष: डॉ. अनुज कुमार तरुण
  • उपाध्यक्ष: डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव व आलोक रंजन
  • महासचिव: डॉ. रवींद्र सिंह
  • संयुक्त सचिव: डॉ. अमर किशोर
  • कोषाध्यक्ष: डॉ. कुमारी दीपा रानी

शपथ ग्रहण के तुरंत बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.

स्वायत्तता पर हमला: राज्यपाल और सरकार के बीच विभाजन का विरोध

शिक्षकों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर कहा कि प्रस्तावित अधिनियम के तहत पीजी (PG) विभागों को राजभवन (राज्यपाल) और अंगीभूत कॉलेजों को सीधे राज्य सरकार के नियंत्रण में लाने का प्रावधान है. 1949 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयोग द्वारा दी गई उच्च शिक्षा की स्वायत्तता को समाप्त कर विश्वविद्यालयों को पंगु बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो शिक्षा जगत के लिए घातक है.

आंदोलन की चरणबद्ध रूपरेखा:

  1. 5 से 8 अगस्त: शिक्षक और कर्मचारी बांह पर काला बिल्ला लगाकर नियमित काम निपटाएंगे.
  2. 10 अगस्त: सभी कर्मी सामूहिक आकस्मिक अवकाश (Mass CL) पर रहकर विश्वविद्यालय मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करेंगे और कुलपति को ज्ञापन सौंपेंगे.
  3. 11 से 25 अगस्त: प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक कार्यस्थल पर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
  4. 5 सितंबर (शिक्षक दिवस): विशेष अभियान चलाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से सीधा संवाद किया जाएगा तथा विधेयक के नुकसान बताए जाएंगे.

विरोध प्रदर्शन में शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुबोध कुमार, उपाध्यक्ष रामरूप राम, रंजीत कुमार, प्रमोद कुमार, विकास रंजन वर्णवाल समेत बड़ी संख्या में शिक्षक व कर्मी शामिल रहे.

Also Read: CUSB का जैव-सूचना विज्ञान विभाग राष्ट्रीय बायोइनफॉर्मेटिक्स नेटवर्क (BTISNet) का बना हिस्सा, शोधार्थियों को मिलेगा बड़ा फायदा


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन