CUSB का जैव-सूचना विज्ञान विभाग राष्ट्रीय बायोइनफॉर्मेटिक्स नेटवर्क (BTISNet) का बना हिस्सा, शोधार्थियों को मिलेगा बड़ा फायदा

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कार्यक्रम में मौजूद सीयूएसबी के कुलपति व अन्य | Prabhat Khabar Network

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गया स्थित दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) के जैव-सूचना विज्ञान विभाग को भारत सरकार के प्रतिष्ठित बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन सिस्टम नेटवर्क (BTISNet) में शामिल किया गया है. यह उपलब्धि मगध और बिहार के छात्रों को उच्च स्तरीय अनुसंधान के अवसर प्रदान करेगी.

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Gaya Ji News: गया जी जिले में स्थित दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) के जैव-सूचना विज्ञान (Bioinformatics) विभाग ने एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है. विभाग को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित 'बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन सिस्टम नेटवर्क' (BTISnet) में शामिल किया गया है.

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बीटीआईएसनेट देश का एक प्रमुख राष्ट्रीय बायोइनफॉर्मेटिक्स नेटवर्क है, जो जीवन विज्ञान (Life Sciences) एवं संगणनात्मक जीव विज्ञान (Computational Biology) के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए देश के शीर्ष संस्थानों को जोड़ता है.

मगध व बिहार के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ: कुलपति

सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे मगध क्षेत्र सहित पूरे बिहार के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उच्च स्तरीय अनुसंधान का अवसर मिलेगा. वहीं, स्कूल ऑफ अर्थ, बायोलॉजिकल एंड एनवायरनमेंटल साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो. रिजवानुल हक ने इसे विश्वविद्यालय के लिए एक गर्व का क्षण बताया.

मुफ्त सॉफ्टवेयर और डेटाबेस किए जाएंगे विकसित

जनसंपर्क अधिकारी (PRO) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने परियोजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया:

  • नेतृत्व: इस परियोजना का संचालन प्रो. आशीष शंकर (प्रधान अन्वेषक - PI) और प्रो. आर. एस. राठौर (सह-प्रधान अन्वेषक - Co-PI) के मार्गदर्शन में किया जाएगा.
  • अनुसंधान एवं प्रशिक्षण: डीबीटी (DBT) से मिलने वाली वित्तीय सहायता से बायोइनफॉर्मेटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, फार्मेसी, कृषि और जीवन विज्ञान के शोधार्थियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी.
  • नवाचार: यह केंद्र जैविक डेटाबेस, वेब सर्वर और पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध रहने वाले बायोइनफॉर्मेटिक्स सॉफ्टवेयर विकसित करेगा.
  • कार्यशालाएं: मगध क्षेत्र के विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी.

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