प्रशांत किशोर ने बताया बिहार में 6 लाख शिक्षकों को क्यों हो रही है समस्या, बोले - MLC चुनाव में बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर करें वोट
शिक्षण संवाद कार्यक्रम के दौरान जन स्वराज के सूत्रधार सह विधायक प्रशांत किशोर | Prabhat Khabar Network
Prashant Kishor : जन सुराज के प्रशांत किशोर ने गया में शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि जाति में बंटकर वोट देने के कारण ही बिहार के शिक्षकों की समस्याएं आज भी बरकरार हैं.
Prashant Kishor : शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शहर के ऐतिहासिक हरिदास सेमिनरी विद्यालय के ऑडिटोरियम में जन सुराज की ओर से शिक्षक अभिनंदन व संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जन सुराज के संस्थापक सह बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से संवाद करते हुए बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा.
आपके शहर में
जाति में बंटकर मतदान करने का लगाया आरोप
प्रशांत किशोर ने कहा कि आपने शिक्षक बनकर वोट नहीं दिया, बल्कि जाति में बंटकर वोट दिया. इसलिए आपकी समस्या बरकरार है. बिहार के 6 लाख शिक्षक अगर 5 से गुना कर दिया जाए तो 30 लाख वोट होते हैं. इसके बाद भी आपकी समस्या दूर नहीं होती है तो आप में कमियां हैं.

पेशे और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर मतदान की अपील
उन्होंने शिक्षकों से जाति और दल से ऊपर उठकर अपने पेशे, सम्मान और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर मतदान करने की अपील की. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपने हित और शिक्षा व्यवस्था के सुधार को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए.
शिक्षकों और अतिथियों का किया गया अभिनंदन
कार्यक्रम में अतिथियों एवं शिक्षकों का अभिनंदन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जन सुराज के नेता सह पूर्व सदस्य बिहार विधान परिषद एवं गया जिला अध्यक्ष रवि रंजन दांगी ने की.

समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण
रवि रंजन दांगी ने कहा कि समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों को सम्मान, पर्याप्त संसाधन और बेहतर कार्य वातावरण मिलना जरूरी है.
बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्याओं में स्कूली शिक्षा का लगातार ध्वस्त होना है. शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा. उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए शिक्षा की ताकत को रेखांकित किया और कहा कि शिक्षा ही बिहार को बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है.
नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल पर भी उठाए सवाल
नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास जब उनके शासन का मूल्यांकन करेगा तो बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था उसका महत्वपूर्ण अध्याय होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से शिक्षक समान वेतनमान सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारों ने उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया.

प्रशांत किशोर बोले, मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए
शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कटाक्ष करते हुए कहा, “आपको नीतीश कुमार ने ठगा, सुशील कुमार मोदी ने ठगा, तेजस्वी यादव ने ठगा . अब मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए.”
बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाने का बताया लक्ष्य
उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाना, शिक्षकों को सम्मानजनक स्थान दिलाना और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है.
शिक्षकों और प्रबुद्धजनों ने रखीं अपनी समस्याएं और सुझाव
संवाद कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों एवं प्रबुद्धजनों ने भी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक सम्मान, विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा शिक्षा क्षेत्र में आवश्यक सुधार से जुड़े सुझाव और समस्याएं रखीं. कार्यक्रम को शिक्षक समाज के साथ संवाद स्थापित करने की जन सुराज की पहल के रूप में देखा गया.
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