गया जी : नवजात की हालत जानने डॉक्टर से मिलने गए परिजन, गार्ड से भिड़ंत के बाद जमकर मारपीट; अधीक्षक को खबर तक नहीं
अधीक्षक कार्यालय के बाहर पोर्टिको में भिड़े गार्ड व परिजन | Prabhat Khabar Network
मगध मेडिकल अस्पताल एक बार फिर मारपीट की घटना से चर्चा में है. बच्चे के इलाज को लेकर परिजनों और गार्ड के बीच जमकर लाठी-लात-घूसे चले. अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं.
Magadh Medical Hospital : गया जी जिले के मगध मेडिकल अस्पताल में एक माह में दो बार लाठीबाजी की घटना सामने आ चुकी है. कुछ दिन पहले इमरजेंसी से निकलने को लेकर परिजन व गार्ड आपस में भिड़े और यहां लाठियां चटकायी गयी.
मंगलवार को बच्चे के इलाज कर रहे डॉक्टर से मिलने को लेकर परिजन व गार्ड भिड़ गये. अधीक्षक कार्यालय के बाहर पोर्टिको में जमकर लाठी-लात-घूसा दोनों ओर से चलाया गया.
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार एक नवजात को उसके परिजन औरंगाबाद से लाकर यहां एनआइसीयू में पांच दिन पहले भर्ती कराया है.
बच्चे की हालत ठीक नहीं रहने पर उसे देखने परिवार के कई लोग आ रहे हैं. बच्चे के बारे में जानकारी लेने के लिए डॉक्टर से परिजन जब मिलना चाहा, तो उसे रोक दिया गया. इसके बाद दोनों ओर से बहस होने लगी. बहस मारपीट में तब्दील हो गया. लोगों ने बताया कि दोनों ओर से जमकर मारपीट हुई है. एक-दूसरा पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहा है.
अस्पताल में व्यवस्था और व्यवहार को लेकर अक्सर बनती है अराजक स्थिति
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, परिजन बीमार परिवार को टेंशन में रहते हैं, तो गार्ड व कर्मचारी इनके अभद्र व्यवहार से नारुस्ट रहते हैं.
एक-दूसरे का गुस्सा उबाल बनकर फुट पड़ता है. सप्ताह में एक-दो बार इस तरह की घटना सामने आ जाती है. सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में हर तरह की व्यवस्था मरीज को समय पर नहीं मिलने के चलते भी कई बार तनाव बनता है.
उपाधीक्षक ने कहा- नहीं है घटना की जानकारी
घटना से 20 मीटर की दूरी पर चेंबर में बैठे उपाधीक्षक डॉ पीके अग्रवाल से घटना के बारे बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि वे अधिकारी हैं. कोई घटना के बारे में बतायेगा, तब उन्हें पता चल सकेगा. ऐसे मारपीट की जानकारी उनके पास नहीं पहुंची है.
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विभागाध्यक्ष ने बातचीत कर मामला सुलझाया
शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रवींद्र कुमार ने बताया कि औरंगाबाद से नवजात को दो सितंबर को यहां भर्ती कराया गया है. परिजन व गार्ड के बीच कुछ विवाद की जानकारी मिलने के बाद वे खुद ही दोनों से बातचीत कर मामला को सुलझा दिया है.
उन्होंने कहा कि बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है. यहां पर डॉक्टर की टीम बच्चे की हालत पर नजर रख रही है. हर ओर से कोशिश किया जा रहा है कि बच्चे को ठीक कर दिया जाये.
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