जल संरक्षण से वृक्षारोपण तक, गुरुआ के गांवों में पर्यावरण बचाने की अनूठी मुहिम

जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे कार्य
Gaya Ji News: गया जिले के गुरुआ प्रखंड के विभिन्न गांवों में एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से ‘एसबीआई ग्राम सेवा कार्यक्रम’ के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए गांवों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, तालाबों का जीर्णोद्धार, चेक डैम निर्माण, सोलर स्ट्रीट लाइट और सघन वृक्षारोपण जैसे कार्य किए जा रहे हैं
Gaya Ji News (गुरुआ से डॉ प्रमोद कुमार वर्मा की रिपोर्ट) :
एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से एसबीआई ग्राम सेवा कार्यक्रम के तहत गुरुआ प्रखंड के विभिन्न गांवों में सहभागी शिक्षण केंद्र द्वारा पर्यावरण स्वच्छता और बचाव से जुड़े कई उल्लेखनीय कार्य किये जा रहे हैं. इनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण और संचयन, तालाबों का जीर्णोद्धार, चेक डैम का निर्माण, सोलर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, सघन वृक्षारोपण और स्वच्छता गाड़ी से कचरा का नियमित उठाव आदि शामिल हैं.
प्रकृति और मानव जीवन आपस में गहराई से जुड़े हुए
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का विषय ‘प्रकृति से प्रेरित जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए’ प्रकृति से सीखने और जलवायु और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने पर बल देता है. यह इस बात को बताता कि प्रकृति और मानव जीवन आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं. वन, नदियां, महासागर, मिट्टी, जैव विविधता और स्वच्छ वायु, ये सभी हमारे अस्तित्व के लिए आवश्यक हैं.
हरित और टिकाऊ समुदायों को बढ़ावा देने के लिए एसबीआई फाउंडेशन प्रतिबद्ध
एसबीआई फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक स्वपन धर ने बताया कि एसबीआई ग्राम सेवा कार्यक्रम के तहत, फाउंडेशन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और हरित और टिकाऊ समुदायों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और समुदाय-आधारित पर्यावरण संबंधी गतिविधियों के माध्यम से, इसका उद्देश्य एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना है जहां विकास और प्रकृति साथ-साथ प्रगति करें.
पारिस्थितिक संतुलन के लिए एक तिहाई भूमि पर वन होना जरूरी
इस अवसर पर वृक्षारोपण के लाभों को रेखांकित करते हुए सहभागी शिक्षण केंद्र के संस्थापक निदेशक श्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए हमारी भूमि का कम से कम एक तिहाई हिस्सा वनों से ढका होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि एक पेड़ हमें छाया, फल, फूल और औषधियों के साथ-साथ प्राकृतिक वेंटिलेटर के रूप में कार्य करके जीवन प्रदान करता है.
वैश्विक तापमान को कम करने में मददगार साबित हो रही परियोजना
वैश्विक तापमान को कम करने के लिए वृक्षारोपण महत्वपूर्ण है. यह प्रतिज्ञा हमारी पृथ्वी के संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है. यह ग्राम सेवा परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देकर पर्यावरण को महत्वपूर्ण लाभ पहुंचा रही है. यह गांवों को हरित और स्थायी बनाकर जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने में मदद कर रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By सूर्यकांत कुमार
सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे गया, औरंगाबाद, कैमूर और बक्सर जिलों की स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










