भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत को संवारने की पहल, आज से कार्यशाला शुरू

Updated:
विज्ञापन
Gayaji News :

उद्घाटन समारोह में शामिल अतिथि एवं कला साधक.

Gayaji News : कार्यक्रम में पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से आए कला साधकों की विशेष उपस्थिति रही.

विज्ञापन

Gayaji News : भारतीय शास्त्रीय संगीत, कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित संस्था सुर सलिला गयाजी ट्रस्ट के तत्वावधान में सोमवार को सिजुआर भवन में शास्त्रीय गायन एवं कत्थक नृत्य कार्यशाला का उद्घाटन किया गया.

कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत के प्रतिष्ठित कलाकार पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र ने अन्य अतिथियों महेश लाल गुप्त, प्रो. डॉ. के.के. नारायण, राजेश्वर सिंह, पंडित राजेंद्र सिजुआर, हरिश्वर सिंह एवं राम नारायण शर्मा के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

संगीत से मिलता है सुकून

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र ने कहा कि कला, संस्कृति, नृत्य और संगीत ऐसी दिव्य शक्तियां हैं, जिनमें विश्व शांति स्थापित करने की क्षमता निहित है. उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत अपनी प्राचीनता, आध्यात्मिकता और वैज्ञानिकता के कारण पूरे विश्व में सम्मानित है. वर्तमान समय में संगीत के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि वास्तविक सुकून चाहिए तो संगीत ही उसका सर्वोत्तम माध्यम है.

विभिन्न राज्य से कला साधक आएं

ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी पंडित राजेंद्र सिजुआर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया. कार्यक्रम में पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से आए कला साधकों की विशेष उपस्थिति रही.

16 जून को होगा समापन

संस्था के अध्यक्ष ने बताया कि कार्यशाला का नियमित प्रशिक्षण 9 जून से प्रारंभ होगा. यह कार्यशाला 16 जून को विशेष सांगीतिक संध्या ‘ठुमरी के रंग- पूरब के अंग’ के साथ संपन्न होगी. इस अवसर पर पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र, पंडित धर्मनाथ मिश्रा एवं पंडित राजेंद्र सिजुआर की जुगलबंदी की प्रस्तुति कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध करेगी.

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. हिंदुस्तान और दैनक भास्कर में काम कर चुके हैं. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

विशेषज्ञता

राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है.

पत्रकारिता अनुभव

राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला. दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद डिजिटल में पारी की शुरुआत की.

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन