दरभंगा: अब खाद के लिए नहीं लगानी होगी लंबी कतार, ऑनलाइन बुकिंग के बाद QR कोड से मिलेगा उर्वरक
प्रतीकात्मक AI तस्वीर
दरभंगा में खाद की खरीद-बिक्री को आसान बनाने के लिए नई ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई है. किसान अब अपनी सुविधा के अनुसार उर्वरक ऑनलाइन बुक कर सकते हैं और क्यूआर कोड के माध्यम से निर्धारित दर पर अधिकृत विक्रेताओं से खाद उठा सकते हैं. इस व्यवस्था से किसानों को लंबी कतारों और भागदौड़ से राहत मिलेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी.
दरभंगा: जिले में उर्वरक की बिक्री एवं वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और किसानों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से खाद बिक्री एवं आवेदन प्रणाली (एफएसएएस) के तहत फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) व्यवस्था लागू की गयी है. नई व्यवस्था के तहत किसान अपनी जरूरत के अनुसार ऑनलाइन उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे. बुकिंग के बाद जारी क्यूआर कोड के माध्यम से निर्धारित दर पर अधिकृत विक्रेता से खाद का उठाव किया जा सकेगा.
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नई व्यवस्था लागू होने से किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतार लगाने और बार-बार भागदौड़ करने से राहत मिलने की उम्मीद है. साथ ही उर्वरक की मांग, बुकिंग और वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी.
Farmer ID या आधार से कर सकेंगे लॉगिन
फार्मर आईडी वाले किसान मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से एग्रीस्टैक से जुड़े अपने सर्वे या खेसरा नंबर के आधार पर प्रणाली में लॉगिन कर सकेंगे.
जिन किसानों की अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनी है, वे आधार नंबर और ओटीपी अथवा फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से भी प्रणाली में लॉगिन कर सकेंगे. लॉगिन करने के बाद किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक की मात्रा का चयन कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे.
72 घंटे तक मान्य रहेगा QR कोड
उर्वरक की बुकिंग के बाद किसान को क्यूआर कोड जारी किया जायेगा. यह क्यूआर कोड 72 घंटे तक मान्य रहेगा. निर्धारित अवधि के भीतर किसान को अधिकृत विक्रेता से खाद का उठाव करना होगा.
यदि 72 घंटे के भीतर उर्वरक का उठाव नहीं किया जाता है, तो क्यूआर कोड स्वतः निरस्त हो जायेगा. इसके बाद किसान को दोबारा बुकिंग कर नया क्यूआर कोड प्राप्त करना होगा.
1.62 लाख से अधिक किसानों की Farmer Registry
कृषि विभाग के एग्रीस्टैक परियोजना के तहत जिले में अब तक 1,62,853 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है. प्रखंडवार आंकड़ों में बहेड़ी सबसे आगे है, जहां 14,502 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हुई है.
इसके बाद सिंहवाड़ा में 12,583, दरभंगा में 12,555, बिरौल में 11,844 और केवटी में 11,731 किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है.
अन्य प्रखंडों में बहादुरपुर में 10,473, बेनीपुर में 9,947, जाले में 9,447, मनीगाछी में 9,114, कुशेश्वरस्थान में 9,079, अलीनगर में 7,871, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 6,955, हायाघाट में 6,819, गौड़ाबौराम में 6,769, हनुमाननगर में 6,500, घनश्यामपुर में 6,375, तारडीह में 5,761 और किरतपुर में 4,528 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा चुकी है.
डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता
नई व्यवस्था में किसान द्वारा की गयी खाद की मांग, ऑनलाइन बुकिंग और उर्वरक के वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा. इससे उर्वरक बिक्री व्यवस्था की निगरानी आसान होगी और किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
नई प्रणाली का उद्देश्य किसानों को खाद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है.
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