दरभंगा AIIMS शुरू होने के बाद आसपास के गांवों की चमकेगी किस्मत, जानिए कैसे बढ़ेंगे कमाई के साधन?
दरभंगा एम्स की सांकेतिक तस्वीर (AI जेनरेटेड)
दरभंगा AIIMS का निर्माण सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लिए आर्थिक क्रांति ला रहा है. जमीन से लेकर रोजगार तक, जानिए कैसे बदलेंगी स्थानीय लोगों की किस्मत...
दरभंगा AIIMS: एकमी-शोभन बाईपास के पास बन रहा दरभंगा AIIMS सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से बड़ा प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इसके आसपास के गांवों की अर्थव्यवस्था और जीवनशैली को भी बदलने की क्षमता रखता है. अस्पताल का काम शुरू होने से इलाके में निर्माण गतिविधियां बढ़ी हैं. आने वाले वर्षों में इसका असर जमीन, रोजगार, कारोबार और परिवहन पर दिखाई दे सकता है.
जमीन से शुरू होती है बदलाव की कहानी

दरभंगा AIIMS के लिए 187 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है. किसी बड़े संस्थान के निर्माण के साथ आसपास के क्षेत्र में जमीन को लेकर गतिविधियां बढ़ना आम बात है. प्लॉट और जमीन की मांग बढ़ने से स्थानीय बाजार में भी हलचल पैदा हो सकती है.
वर्तमान में बाउंड्री वॉल और जमीन को समतल करने जैसे काम चल रहे हैं. करीब 5.3 किलोमीटर लंबी बाउंड्री का निर्माण भी प्रोजेक्ट के शुरुआती बदलावों में शामिल है. निर्माण कार्य बढ़ने के साथ मजदूरों, ठेकेदारों और सामान की आपूर्ति करने वाले लोगों की आवाजाही बढ़ सकती है.
छोटी दुकानों से बनेगा नया बाजार
निर्माण गतिविधियां बढ़ने के साथ आसपास छोटी-छोटी दुकानों की जरूरत भी बढ़ती है. चाय-नाश्ता, किराना, जनरल स्टोर, हार्डवेयर, मोबाइल रिपेयरिंग, फोटोकॉपी और प्रिंटिंग जैसी दुकानों के लिए नया ग्राहक वर्ग तैयार हो सकता है.
आगे चलकर अस्पताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी और मरीजों के परिजनों की आवाजाही बढ़ने पर मेडिकल स्टोर, डायग्नोस्टिक सेंटर, भोजनालय और दूसरे कारोबारों की मांग भी बढ़ने की संभावना है.
किराये के मकान और PG की बढ़ सकती है मांग

बड़े संस्थान के आसपास रहने की जरूरत बढ़ने से स्थानीय मकानों और कमरों को किराये पर देने का कारोबार भी बढ़ सकता है. निर्माण चरण में मजदूर और सुपरवाइजर इसकी जरूरत पैदा करते हैं, जबकि अस्पताल के संचालन के बाद कर्मचारियों, छात्रों और दूसरे लोगों के लिए PG तथा किराये के कमरों की मांग बढ़ सकती है. इससे आसपास के गांवों में पहले से बने मकानों का इस्तेमाल आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में किया जा सकता है.
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते
AIIMS शुरू होने के बाद वार्ड बॉय, डेटा एंट्री, रिसेप्शन, सफाई, केटरिंग और दूसरी गैर-चिकित्सकीय सेवाओं में भी रोजगार की संभावनाएं पैदा हो सकती हैं. साथ ही ऑटो, ई-रिक्शा, कैब, लॉन्ड्री और फूड डिलीवरी जैसी सेवाओं का बाजार भी बढ़ सकता है.
सड़क और दूसरी सुविधाओं में भी बदलाव

बड़े मेडिकल संस्थान के आसपास बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत होती है. इससे एप्रोच रोड, स्ट्रीट लाइट, बिजली, पानी और ड्रेनेज जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान बढ़ सकता है. आने वाले समय में इलाके में बाजार, बैंक, एटीएम, होटल और दूसरी शहरी सुविधाएं विकसित होने की संभावना है.
गांवों के सामने अवसर के साथ चुनौतियां भी
AIIMS के कारण आसपास के गांवों में आय और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. लेकिन बढ़ती गतिविधियों के साथ ट्रैफिक, भीड़, कचरा, सीवेज और किराये में बढ़ोतरी जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं.
2024 से 2026 के दौरान जमीन हस्तांतरण, बाउंड्री और लैंड लेवलिंग जैसे काम शुरुआती बदलाव का आधार बन रहे हैं. मुख्य भवन, एकेडमिक ब्लॉक और रेजिडेंशियल सुविधाओं का निर्माण आगे बढ़ने पर इलाके में स्थायी बाजार और आबादी बढ़ने की संभावना है. परियोजना की पूर्णता का लक्ष्य 2029 बताया गया है.
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