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बिहार: सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में 6 से 18 वर्ष के बच्चों को मिलेगी रहने की सुविधा, हो रही तलाश

Updated at : 29 May 2023 3:15 AM (IST)
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बिहार: सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में 6 से 18 वर्ष के बच्चों को मिलेगी रहने की सुविधा, हो रही तलाश

पटना में सुभाष चंद्र बोस के नाम पर दो आवासीय विद्यालय खोलने की योजना है. इसमें एक आवासीय विद्यालय का उद्घाटन एक जुलाई 2023 को टीके घोष एकेडमी परिसर में किया जायेगा. वहीं दूसरे आवासीय विद्यालय पटना हाइस्कूल में खोलने की तैयारी की जा रही है.

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पटना. शिक्षा विभाग की ओर से बिहार के सात जिलों में जरूरतमंद व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए नि:शुल्क ब्वॉयज हॉस्टल तैयार करने का निर्णय लिया गया है. ब्वॉयज हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की विभाग तलाश कर रही है. अबतक विभाग की ओर से 50 बच्चों का चयन किया गया है. दो हॉस्टल में कुल 200 जरूरतमंद बच्चों के रहने की व्यवस्था होगी. जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों की तलाश के लिए श्रम अधिक्षक, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग और जिला बाल संरक्षण इकाई से मदद मांगी गयी है.

इन जिलों में बनेगा हॉस्टल 

राज्य के सात जिलों में सुभाष चंद्र बोस के नाम पर हॉस्टल का निर्माण किया जायेगा. इनमें पटना, मुजफ्फरपुर, जमुई, नवादा, गया, बांका और औरंगाबाद में नि:शुल्क ब्वॉयज हॉस्टल तैयार किया जायेगा. इनमें एक आवासीय विद्यालय का उद्घाटन एक जुलाई को अशोक राजपथ स्थित टीके घोष एकेडमी में किया जायेगा.

एक जुलाई को होगा उद्घाटन

पटना में सुभाष चंद्र बोस के नाम पर दो आवासीय विद्यालय खोलने की योजना है. इसमें एक आवासीय विद्यालय का उद्घाटन एक जुलाई 2023 को टीके घोष एकेडमी परिसर में किया जायेगा. वहीं दूसरे आवासीय विद्यालय पटना हाइस्कूल में खोलने की तैयारी की जा रही है. जगह की तलाश की जा रही है. यह दोनों आवासीय विद्यालय फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित होंगे. स्थायी हॉस्टल बनने के बाद यहां रहने वाले बच्चों को नये भवन में शिफ्ट कर दिया जायेगा.

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6 से 18 वर्ष के बच्चों को मिलेगी रहने की सुविधा

जरूरतमंद बच्चों के लिए करीब एक करोड़ रुपये की लागत से हॉस्टल का निर्माण किया जाना है. हॉस्टल में 6 से 18 वर्ष के बच्चों को रहने की सुविधा मिलेगी. प्रत्येक हॉस्टल में 100 बच्चों के रहने- खाने और पढ़ने की नि:शुल्क व्यवस्था होगी. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्याम नंदन ने बताया कि आवासीय विद्यालय में अनाथ, रेलवे प्लेटफॉर्म पर रहने वाले बच्चे, बालश्रम से मुक्त किये गये बच्चे, घरों और ऑफिस में काम करने वाली मेड, रिक्शा-ठेला चलाने वाले भी बच्चों का नामांकन करा सकते हैं. नामांकन के लिए शिक्षा जिला शिक्षा कार्यालय, सैदपुर में इच्छुक लोग संपर्क कर सकते हैं.

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