Bihar: भागलपुर के एक गांव में कैंसर बनी पहेली, दहशत के बीच अब केंद्र सरकार ने थामा मोर्चा, दिये निर्देश

Updated at : 18 Nov 2022 3:40 PM (IST)
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Bihar: भागलपुर के एक गांव में कैंसर बनी पहेली, दहशत के बीच अब केंद्र सरकार ने थामा मोर्चा, दिये निर्देश

Bihar: भागलपुर के सुल्तानपुर भिट्ठी गांव में कैंसर एक पहेली बन गयी है. ग्रामीणों के बीच दहशत बना हुआ है. वहीं राज्य के बाद अब केंद्र सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया है और निर्देश दिये हैं. बता दें कि एक ही गांव में कैंसर के आठ संदिग्ध मरीज मिलने से हड़कंप है.

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दीपक राव, भागलपुर: बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के बाद अब केंद्र सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने भागलपुर जिला अंतर्गत सबौर प्रखंड के सुलतानपुर भिट्ठी में कैंसर के संदिग्ध मरीजों के मिलने के मामले में संज्ञान लिया है. मंत्रालय ने बिहार सरकार के स्वास्थ्य व केंद्रीय जल संसाधन विभाग को एक्शन लेने का निर्देश दिया है. इसे लेकर भारत सरकार के सचिव राजेश कुमार ने बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अवर मुख्य सचिव व सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र भेजा है.

कैंसर के आठ संदिग्ध मरीज मिले

इससे पहले प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने पिछले माह सिविल सर्जन को निर्देश दिया था. इसके बाद 25 व 26 अक्टूबर को सुलतानपुर भिट्ठी गांव में मेगा शिविर का आयोजन किया गया था. इसमें कैंसर के आठ संदिग्ध मरीज मिले थे. फिर पानी में आर्सेनिक व अन्य रसायन से हो रही परेशानी को लेकर जांच का निर्देश दिया गया. पीएचइडी ने प्रारंभिक जांच की और फिर अन्य खतरनाक रसायनों की जांच के लिए पानी का विभिन्न जगहों से सैंपल इकट्ठा किया. प्रारंभिक जांच में कुछ खास स्पष्ट नहीं हो सका है.

मिलता रहा आश्वासन, फिर लौटकर नहीं आयी स्वास्थ्य विभाग की टीम

केंद्र सरकार के सचिव राजेश कुमार ने स्थानीय शिक्षक सुनील कुमार के आवेदन के बाद यह संज्ञान लिया है. सुनील कुमार ने बताया कि सिविल सर्जन के संचालन में कैंसर रोगी की जांच के लिए दो बार शिविर लगाया गया, जबकि लगातार शिविर लगाने व चिकित्सकों द्वारा क्षेत्र में लगातार कार्यक्रम करने का आश्वासन दिया गया. लेकिन दो बार शिविर लगाने के बाद तीसरी बार विभाग की टीम जांच करने नहीं आयी. इससे पहले बिना प्रचार-प्रसार के 25 व 26 अक्तूबर को अचानक टीम के आ जाने से गांव के सभी लोग शिविर में नहीं पहुंच सके थे. इससे अब भी सैकड़ों लोग जांच से वंचित रह गये. स्वास्थ्य विभाग की ओर से आठ संदिग्ध मरीज के लिए भी दवा व अन्य राहत नहीं दी गयी.

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शुद्ध पेयजल व इलाज के लिए सरकारी सहायता की मांग

यहां के लोगों का कहना है कि यहां के पानी की जांच बेहतर लैब में करायी जाये ताकि आर्सेनिक की मात्रा का पता लगाया जा सके. गांव में फिल्टर के साथ पानी का टैंक लगाया जाये, ताकि यहां के लोग स्वस्थ होकर अपनी जिंदगी जी सके.

यहां इतने लोगों को कैंसर क्यों, बनी है पहेली

बिहार सरकार अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश पर सबौर प्रखंड अंतर्गत सुल्तानपुर भिट्टी में दो दिन के मेगा शिविर में आठ कैंसर के संदिग्ध मरीज मिले थे. चिकित्सकों को उनकी बीमारी का कारण नहीं पता चल पा रहा है. जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पंकज मनस्वी ने बताया था कि आठ संदिग्ध कैंसर मरीज मे चार ओरल कैंसर, जिसमें तीन पुरुष व एक महिला है. इनका सीधा संबंध शराब सेवन से नहीं है. ऐसे में अन्य कारणों का पता लगाया जा रहा है ताकि मुख्यालय को जांच रिपोर्ट भेजी जा सके. कारण पता लगा कर ही इस पर रोक लगायी जा सकती है.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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