डुमरांव अस्पताल में चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था: अल्ट्रासाउंड सेवा ठप होने से गर्भवती महिलाएं परेशान, सीएस बोले- जल्द होगी तैनाती

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अनुमंडल अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में लटका ताला | Prabhat Khabar Network

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डुमरांव अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा बंद होने से गर्भवती महिलाएं परेशान हैं. रेडियोलॉजिस्ट की कमी के चलते सरकारी मशीनरी बेकार है और मरीजों को महंगे निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है.

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डुमरांव (बक्सर). अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव में पिछले करीब दो महीने से अल्ट्रासाउंड सेवा पूरी तरह बंद पड़ी है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों- विशेषकर गर्भवती महिलाओं- की मुश्किलें चरम पर पहुंच गई हैं. अस्पताल परिसर में लाखों रुपये की लागत से आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन मौजूद है, लेकिन संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट या प्रशिक्षित चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण कक्ष में ताला लटका हुआ है. जांच की सुविधा न मिलने से सरकारी अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को निजी जांच केंद्रों में महंगे दामों पर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

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वैकल्पिक चिकित्सकों के भरोसे चल रही थी व्यवस्था

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, करीब एक वर्ष पूर्व सिमरी पीएचसी के चिकित्सक डॉ. प्रेमचंद कुमार सप्ताह में दो दिन (सोमवार और बुधवार) अनुमंडल अस्पताल आकर अल्ट्रासाउंड जांच करते थे. उनके सिमरी पीएचसी प्रभारी बनने के बाद उनका यहां आना बंद हो गया. इसके बाद डॉ. रश्मि कुमारी ने करीब छह महीने तक इस सेवा की कमान संभाली.

बाद में विभाग ने एक महिला चिकित्सक को यहां प्रतिनियुक्त किया, लेकिन महज दो महीने के भीतर ही उनका स्थानांतरण हो गया. तब से अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साठ दिनों से अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला जड़ा है और धूल फांक रही मशीन शोपीस बनकर रह गई है.

निजी केंद्रों में आर्थिक दोहन झेलने को मजबूर गरीब मरीज

डुमरांव अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण इलाकों से रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं प्रसव पूर्व जांच (ANC) के लिए अस्पताल आती हैं. गर्भस्थ शिशु की स्थिति और स्वास्थ्य की सटीक जानकारी के लिए चिकित्सकों द्वारा अल्ट्रासाउंड जांच लिखी जाती है. सरकारी व्यवस्था ठप होने के कारण मरीजों को निजी क्लिनिकों का रुख करना पड़ता है, जहां उन्हें ₹800 से ₹1500 तक खर्च करने पड़ते हैं. गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह भारी आर्थिक बोझ साबित हो रहा है.

जल्द होगी तैनाती: सिविल सर्जन

पूरे मामले पर बक्सर के सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में वर्तमान में रेडियोलॉजिस्ट और गायनेकोलॉजिस्ट चिकित्सकों की भारी कमी है. डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में नियमित अल्ट्रासाउंड संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति को लेकर स्वास्थ्य मुख्यालय को पत्राचार किया जा चुका है. उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग से हरी झंडी मिलते ही शीघ्र ही चिकित्सक की तैनाती कर दी जाएगी और अल्ट्रासाउंड सेवा पुनः सुचारू रूप से शुरू होगी.

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