बक्सर: पंचायत विकास दिवस की खुली पोल, नदारद रहे अधिकारी-कर्मी और स्थानांतरित पदाधिकारी की भी लगा दी ड्यूटी

Updated:
विज्ञापन

फोटो - शिविर में शामिल कर्मचारी | Prabhat Khabar Network

बक्सर में पंचायत विकास दिवस के दौरान स्थानांतरित अधिकारियों की ड्यूटी लगाने से जिला प्रशासन की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, शिविर में कई कर्मी रहे नदारद।

विज्ञापन

बक्सर से प्रशांत राय की तस्वीर

आपके शहर में

विज्ञापन

Buxar News : ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने और ग्रामीणों की समस्याओं का पंचायत स्तर पर समाधान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जाता है. रविवार को जिले की विभिन्न पंचायतों में पंचायत विकास दिवस के तहत शिविर आयोजित किये गये. हालांकि, कई पंचायतों में अधिकारियों और कर्मियों की अनुपस्थिति तथा स्थानांतरित पदाधिकारी की ड्यूटी लगाये जाने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये.

उमरपुर में कई विभागों के अधिकारी-कर्मी रहे नदारद

उमरपुर पंचायत में आयोजित पंचायत विकास दिवस शिविर में प्रभात खबर की टीम सुबह 10:40 बजे पहुंची. इस दौरान शिविर में कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद नहीं थे. प्रखंड कृषि पदाधिकारी डुमरांव श्रुति प्रिया के अलावा पंचायत रोजगार सेवक, किसान सलाहकार, विशेष सर्वे अमीन, राजस्व कर्मचारी, ग्रामीण आवास सहायक और जीविका के कर्मी भी शिविर में शामिल नहीं हुए. महत्वपूर्ण विभागों के कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने और संबंधित अधिकारियों से समाधान प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ा.

अनुपस्थित कर्मियों पर कार्रवाई की मांग

शिविर में अधिकारियों और कर्मियों की अनुपस्थिति को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में भी नाराजगी देखने को मिली. उमरपुर पंचायत के मुखिया धनंजय मिश्रा ने कहा कि शिविर से अनुपस्थित रहने वाले सभी कर्मियों की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जायेगी. उन्होंने कहा कि पंचायत विकास दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में संबंधित कर्मियों की मौजूदगी जरूरी है. उन्होंने अनुपस्थित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही.

खुटहा में भी महज दो-तीन कर्मचारी मिले

इसके बाद प्रभात खबर की टीम सुबह 11:05 बजे खुटहा पंचायत में आयोजित पंचायत विकास दिवस शिविर में पहुंची. यहां भी महज दो-तीन कर्मचारी ही मौजूद मिले. शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में मौजूदगी नहीं होने के कारण पंचायत विकास दिवस के उद्देश्य पर सवाल उठने लगे. ग्रामीणों का कहना था कि यदि शिविर में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं रहेंगे, तो पंचायत स्तर पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी.

स्थानांतरित अधिकारी की भी लगा दी गयी ड्यूटी

खुटहा पंचायत के शिविर में अधिकारियों की ड्यूटी सूची में प्रखंड उद्यान पदाधिकारी शिवकुमार का नाम भी दर्ज था. जब इस संबंध में जानकारी ली गयी तो पता चला कि उनका स्थानांतरण 24 जुलाई को ही हो चुका है और वर्तमान में वे छपरा में कार्यरत हैं. स्थानांतरण के करीब एक माह बाद भी पंचायत विकास दिवस के शिविर में उनकी ड्यूटी लगाये जाने से जिला प्रशासन की ड्यूटी निर्धारण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये हैं.

व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उनकी समस्याओं का पंचायत स्तर पर समाधान करना है. इसके लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की शिविर में उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है. लेकिन उमरपुर और खुटहा पंचायत में कई कर्मियों के अनुपस्थित रहने से कार्यक्रम की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गयी है.

ग्रामीण बोले- अधिकारी रहेंगे तभी होगा समस्याओं का समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत विकास दिवस में विभागवार अधिकारियों की मौजूदगी का प्रावधान इसलिए किया गया है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े. लेकिन जब जिम्मेदार अधिकारी और कर्मी ही शिविर से गायब रहेंगे, तो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शिविर में अधिकारियों और कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा ड्यूटी निर्धारण में लापरवाही की जांच कराने की मांग की है.

फोटो - शिविर में शामिल कर्मचारी  | Prabhat Khabar Network
फोटो - शिविर में शामिल कर्मचारी | Prabhat Khabar Network


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन