NEP-2020 के छह साल पर बक्सर में मंथन, विकसित भारत के लिए शिक्षा सुधारों को बताया अहम कदम
फोटो मंचासीन एवं संबोधित करते अतिथि फोटो संगोष्ठी में शामिल महाविद्यालय के शिक्षक एवं छात्र | Prabhat Khabar Network
बक्सर के एमवी कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की छह वर्षीय उपलब्धियों पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा के भविष्य पर चर्चा हुई।
Buxar News : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के छह वर्ष पूरे होने के अवसर पर महार्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के अर्थशास्त्र विभाग एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के मानस भवन में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. कृष्णा कांत सिंह ने की.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति विकसित भारत की मजबूत आधारशिला : प्राचार्य
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. कृष्णा कांत सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को ज्ञान, कौशल, अनुसंधान और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ भारतीय परंपरा से भी जोड़ने का कार्य कर रही है.
डिजिटल शिक्षा, एआई और मातृभाषा आधारित शिक्षण पर हुई चर्चा
संगोष्ठी में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के प्रो. संजय कुमार सिंह तथा वाणिज्य एवं एमबीए विभागाध्यक्ष प्रो. जितेन्द्र कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए. दोनों शिक्षाविदों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा आधारित शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल शिक्षा और आधारभूत संरचना के विकास में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की उपलब्धियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से विचार रखे.
उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर दिया गया जोर
कार्यक्रम की संयोजक एवं अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अमृता कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला. आयोजन सचिव एवं आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. अरविंद वर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य पर हुआ मंथन
संगोष्ठी के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्षों की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा की गई. वक्ताओं ने गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया. कार्यक्रम के अंत में डॉ. विकास कुमार राणा ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जिसके बाद संगोष्ठी का समापन हुआ.
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