बक्सर में शराब तस्करी का नया तरीका उजागर, गंगा नदी के रास्ते बिहार लाने की तैयारी, ड्रोन फुटेज से खुलासा

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फोटो -  यूपी क्षेत्र में गंगा के तट पर ट्रैक्टर से उतर गया शराब फोटो- उतारी गई शराब को सफेद बोरी में भरते तस्कर | Prabhat Khabar Network

फोटो - यूपी क्षेत्र में गंगा के तट पर ट्रैक्टर से उतर गया शराब फोटो- उतारी गई शराब को सफेद बोरी में भरते तस्कर | Prabhat Khabar Network

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद तस्कर नए तरीके अपना रहे हैं। बक्सर में ड्रोन फुटेज से गंगा नदी के रास्ते शराब तस्करी का नया खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश से नावों द्वारा खेप लाने की तैयारी थी।

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Buxar News : बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर अवैध कारोबार को अंजाम देने में जुटे हैं. सड़क मार्ग पर पुलिस और उत्पाद विभाग की सख्ती बढ़ने के बाद अब तस्करों ने गंगा नदी को शराब पहुंचाने का नया रास्ता बना लिया है. बक्सर में सामने आए एक ड्रोन फुटेज ने शराब तस्करी के इस नए तरीके का खुलासा किया है.

ड्रोन से कैद वीडियो में दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की ओर से नाव के जरिए शराब की खेप बिहार लाने की तैयारी की जा रही थी. फुटेज सामने आने के बाद सीमावर्ती इलाकों में निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

गंगा घाट से नाव के जरिए शराब पहुंचाने की तैयारी

जानकारी के अनुसार, यह मामला बक्सर जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत साठ के डेरा उमरपुर गांव के सामने स्थित गंगा घाट का बताया जा रहा है. ड्रोन वीडियो में दिखाई दे रहा है कि गंगा के उस पार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की तरफ से शराब की पेटियां ट्रैक्टर पर लादकर नदी किनारे लाई गईं. तस्करों ने पकड़े जाने के डर से पहले शराब की पेटियों को घाट के पास पीले रंग की तिरपाल से ढक दिया. इसके बाद पेटियों को सफेद रंग की बोरियों में पैक कर नाव पर लादने की तैयारी शुरू कर दी गई.

आशंका जताई जा रही है कि तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर नाव से गंगा पार कर शराब की खेप बिहार के दियारा क्षेत्रों में पहुंचाने की योजना बना रहे थे.

चेहरा छिपाकर कर रहे थे तस्करी

ड्रोन से निगरानी की जानकारी होने के बावजूद तस्करों में किसी तरह का डर नजर नहीं आया. हालांकि, वीडियो में कुछ लोग अपना चेहरा छिपाने के लिए गमछे का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं, ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके.

इस पूरे मामले ने यह संकेत दिया है कि शराब तस्कर अब पारंपरिक सड़क मार्ग के बजाय नदी के रास्ते को सुरक्षित विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं.

पहले से संवेदनशील रहा है सीमावर्ती इलाका

बक्सर और बलिया की सीमा गंगा नदी से जुड़ी होने के कारण यह क्षेत्र पहले से ही शराब, मवेशी और अन्य अवैध सामान की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता रहा है.

शराबबंदी लागू होने के बाद उत्पाद विभाग और बिहार पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है. सीमा पर बने चेकपोस्टों पर वाहनों की जांच की जाती है और कई बार शराब लदे छोटे वाहनों से लेकर बड़े ट्रकों तक को जब्त किया गया है.

जानकारी की अनुसार सड़क मार्ग पर बढ़ी सख्ती के कारण अब तस्करों ने नदी मार्ग का सहारा लेना शुरू कर दिया है.

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

फिलहाल वायरल हो रहे ड्रोन फुटेज की प्रशासनिक स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. हालांकि, अगर वीडियो सही पाया जाता है तो सीमावर्ती इलाकों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत सामने आएगी.

स्थानीय लोगों का कहना है कि दियारा क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी, नाव से गश्ती और अस्थायी पुलिस पिकेट की व्यवस्था बढ़ाई जानी चाहिए. ग्रामीणों का मानना है कि गंगा किनारे बसे गांवों में मजबूत सूचना तंत्र विकसित करके ही इस तरह की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है.

वहीं, उत्पाद विभाग ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है. विभाग के अनुसार संबंधित घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है. प्रशासन का कहना है कि शराब तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


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Ashutosh Singh

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By Ashutosh Singh

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