बक्सर में मानव बल की सुरक्षा पर उठा सवाल, बिना उपकरणों के जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर कर्मी

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Bihar News: बक्सर में बिजली विभाग में तैनात मानव बल अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे. फिर भी नहीं उनको सेफ्टी किट नहीं मिल रही. विभाग का दावा है की सभी मानव बल को सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई है. लेकिन जमीनी हकीकत में बिना हेलमेट, ग्लव्स और सुरक्षा उपकरण के काम करने को मजबूर कई कर्मी बिना सुरक्षा साधनों के काम कर रहे है.

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Bihar News: (प्रशांत कुमार राय) बक्सर में बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में मानव बल की भूमिका काफी अहम है. तेज आंधी, बारिश, भीषण गर्मी और रात के अंधेरे में जब भी बिजली फॉल्ट आता है, सबसे पहले इन्हीं कर्मियों को मौके पर भेजा जाता है. लेकिन स्थिति यह है कि जान जोखिम में डालकर काम करने वाले इन कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जा रही है.

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बिना सुरक्षा उपकरणों के किया जा रहा काम

जानकारी के अनुसार, जिले में लगभग 280 मानव बल शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं. इनका कार्य बिजली लाइन की मरम्मत, फॉल्ट सुधारना, पोल पर चढ़कर तार जोड़ना और ट्रांसफार्मर से संबंधित कार्य करना होता है, जो अत्यंत जोखिमपूर्ण माना जाता है. इसके बावजूद कई मानव बल बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लव्स, सुरक्षा जूते, टॉर्च और अन्य आवश्यक उपकरणों के ही काम करने को मजबूर हैं. कई जगहों पर कर्मियों को साधारण चप्पल और बिना किसी सुरक्षा के बिजली पोल पर चढ़कर काम करते देखा गया. जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.

कर्मियों ने लगाए गंभीर आरोप

मानव बल कर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभाग की ओर से कागजों पर सुरक्षा सामग्री वितरण दिखा दिया जाता है. कुछ मामलों में केवल कुछ कर्मियों को ही किट देकर फोटो खिंचवा ली जाती है और उसी के आधार पर रिपोर्ट भेज दी जाती है कि सभी को सेफ्टी किट उपलब्ध करा दी गई है. कर्मियों का आरोप है कि जो लोग इस मुद्दे पर आवाज उठाते हैं, उन्हें नौकरी से हटाने या प्रताड़ित करने की धमकी दी जाती है. इसी डर के कारण अधिकांश कर्मचारी खुलकर सामने नहीं आते.

समय पर मानदेय नहीं मिलने की शिकायत

कर्मियों ने यह भी बताया कि उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिलता है. कई बार महीनों तक भुगतान लंबित रहता है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

विभागीय दावे और जमीनी हकीकत में अंतर

वहीं विभागीय अधिकारियों का दावा है कि प्रत्येक वर्ष मानव बलों को सुरक्षा सामग्री जैसे हेलमेट, ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं. हालांकि जमीनी स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती है.

हादसों का खतरा बरकरार

बिजली से जुड़े कार्य पहले से ही अत्यंत खतरनाक माने जाते हैं। ऐसे में बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कराना मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा है. जिले में पहले भी बिजली कार्य के दौरान कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है.

अधिकारी का बयान

इस संबंध में विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश सिंह ने कहा कि कुछ मानव बल को सेफ्टी किट बैग उपलब्ध कराए गए हैं, विशेषकर उन्हें जो पोल पर चढ़कर काम करते हैं. यदि किसी को किट नहीं मिली है तो सभी को जल्द ही उपलब्ध करा दिया जाएगा.

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