बक्सर में एनीमिया के खिलाफ अभियान, 47 हजार से अधिक लोगों की हुई स्क्रीनिंग, हजारों में मिला खून की कमी का मामला

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फोटो- विद्यालय के विद्यार्थियों का शिविर लगाकर जांच करते स्वास्थ्य कर्मी फोटो- मशीन में जांच रिपोर्ट दिखाते स्वास्थ्य अधिकारी | Prabhat Khabar Network

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बक्सर जिले में एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत व्यापक स्क्रीनिंग जारी है। अब तक 47 हजार से अधिक लोगों की जांच की गई, जानें अभियान से जुड़ी पूरी जानकारी।

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बक्सर. एनीमिया मुक्त भारत (AMB) अभियान के अंतर्गत बक्सर जिले में एनीमिया की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान 25 अगस्त 2026 से शुरू होकर 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा.

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2.04 लाख लाभार्थियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य

Anemia Screening Buxar अभियान के तहत जिले को कुल 2,04,000 लाभार्थियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य मिला है. निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 47,191 लोगों की एनीमिया स्क्रीनिंग की जा चुकी है. लक्ष्य के अनुसार जिले द्वारा 173 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है.

फोटो- विद्यालय के विद्यार्थियों का शिविर लगाकर जांच करते स्वास्थ्य कर्मी फोटो- मशीन में जांच रिपोर्ट दिखाते स्वास्थ्य अधिकारी | Prabhat Khabar Network
फोटो- विद्यालय के विद्यार्थियों का शिविर लगाकर जांच करते स्वास्थ्य कर्मी फोटो- मशीन में जांच रिपोर्ट दिखाते स्वास्थ्य अधिकारी | Prabhat Khabar Network

2,559 लोग मॉडरेट एनीमिक मिले

अब तक की गई स्क्रीनिंग में 2,559 लोग मॉडरेट एनीमिक, 7,705 लोग माइल्ड एनीमिक और 56 लोग सीवियर एनीमिक पाए गए हैं. वहीं 36,861 लोग नॉन-एनीमिक मिले हैं. एनीमिया से ग्रसित पाए गए लाभार्थियों को आवश्यक परामर्श, उपचार और फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

बच्चों से महिलाओं तक हो रही स्क्रीनिंग

अभियान के तहत विभिन्न आयु और वर्ग के लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की जा रही है. इसमें 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चे, 5 से 19 वर्ष तक के बच्चे एवं किशोर-किशोरियां, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं तथा गैर-गर्भवती और गैर-स्तनपान कराने वाली महिलाएं शामिल हैं.

पंचायत स्तर तक पहुंची जांच व्यवस्था

जिला स्तर से पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य संस्थान, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय और स्वास्थ्य शिविरों में स्क्रीनिंग की जा रही है. एनीमिया की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर आवश्यक उपचार और आयरन-फोलिक एसिड की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

फोटो- विद्यालय के विद्यार्थियों का शिविर लगाकर जांच करते स्वास्थ्य कर्मी फोटो- मशीन में जांच रिपोर्ट दिखाते स्वास्थ्य अधिकारी | Prabhat Khabar Network
फोटो- विद्यालय के विद्यार्थियों का शिविर लगाकर जांच करते स्वास्थ्य कर्मी फोटो- मशीन में जांच रिपोर्ट दिखाते स्वास्थ्य अधिकारी | Prabhat Khabar Network

विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों में जांच

स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य निर्धारित स्थलों पर लाभार्थियों की जांच की जा रही है. अभियान के माध्यम से एनीमिया से प्रभावित लोगों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार और फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर है.

पात्र सदस्यों की स्क्रीनिंग कराने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि अभियान के दौरान अपने परिवार के पात्र सदस्यों की एनीमिया स्क्रीनिंग अवश्य कराएं. एनीमिया पाए जाने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित उपचार और आयरन-फोलिक एसिड का सेवन करने की भी अपील की गई है.

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