अतिक्रमण की चपेट में ऐतिहासिक केसठ गढ़, संरक्षण और सौंदर्यीकरण की उठी मांग

Author Girish divedi|Edited by Yuvraj Ratan
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केसठ के एतिहासिक गढ़ की तस्वीर

Buxar News : बक्सर का ऐतिहासिक केसठ गढ़ अतिक्रमण के कारण अपना अस्तित्व खो रहा है. झोपड़ियों और पक्के मकानों के निर्माण से स्थानीय लोगों में रोष है. ग्रामीण समय रहते कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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Buxar News : केसठ प्रखंड के नया बाजार स्थित ऐतिहासिक प्राचीन केसठ गढ़ अतिक्रमण की चपेट में आकर धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. गढ़ की जमीन पर झोपड़ियां और पक्के मकानों के निर्माण से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो यह ऐतिहासिक धरोहर पूरी तरह समाप्त हो सकती है.

ग्रामीणों ने जताई ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार, केसठ गढ़ क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण इसका स्वरूप लगातार प्रभावित हो रहा है. लोगों का कहना है कि गढ़ की जमीन पर लगातार हो रहे अतिक्रमण से इसकी मूल पहचान खतरे में पड़ गई है.

कई बार प्रशासन से की जा चुकी है कार्रवाई की मांग

राजद के वरिष्ठ नेता पप्पू यादव ने प्रशासन से केसठ गढ़ को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसके संरक्षण और समुचित उपयोग की मांग की है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में अंचलाधिकारी से लेकर जिलाधिकारी तक कई बार आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है.

सौंदर्यीकरण और संरक्षण की मांग तेज

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब अतिक्रमण हटाने और ऐतिहासिक गढ़ के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि यह धरोहर क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत है, जिसकी रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है.

मुखिया बोले- अधिकारियों के निर्देश मिलते ही होगी कार्रवाई

केसठ पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार सिंह उर्फ गामा पहलवान ने बताया कि ऐतिहासिक केसठ गढ़ के सौंदर्यीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों के निर्देश मिलते ही जमीन की मापी कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी. इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है.

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गिरिश द्विवेदी

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