कानून मंत्रालय के छोटे बजट से वकील नाराज, निर्भया फंड का उपयोग नहीं, ग्राम न्यायालय को नहीं मिला एक पैसा

उन्होंने कहा कि जहां 2021 में कुल 4211 करोड़ मिले थे, वही 2022-23 के लिए यह घट कर 3393 करोड़ कर दिया गया है.
पटना. पटना उच्च न्यायालय की वरीय महिला अधिवक्ता और एडवोकेट्स एसोसिएशन की पूर्व संयुक्त सचिव छाया मिश्र ने आम बजट में विधि एवं कानून मंत्रालय के लिए कम राशि आवंटन पर नाराजगी प्रकट की हैं. उन्होंने कहा कि इस बार कम राशि का आवंटन हुआ है.
उन्होंने कहा कि जहां 2021 में कुल 4211 करोड़ मिले थे, वही 2022-23 के लिए यह घट कर 3393 करोड़ कर दिया गया है. छाया मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार ने यौन संबंधों अपराधों से पीड़ित बालिकाओं के लिए निर्भया कोष का गठन किया गया था, उस कोष में भी इस साल किसी प्रकार की बढोतरी नहीं की गयी है. पहले जो 200 करोड़ मिला था वो भी ज्यों का त्यों पड़ा हुआ है.
केंद्र सरकार ने e-courts फेज दो और तीन के लिए 858 करोड़ रुपए दिये हैं, जो पहले 778 करोड़ था, लेकिन ग्राम न्यायालय के लिए जो पहले आठ करोड़ का आवंटन था, अब उसे शून्य कर दिया गया है.
छाया मिश्र ने कहा कि कोविड काल में कोर्ट की कार्यवाही स्थगित रहने से वकीलों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है, लेकिन बजट में इसके लिए कोई राहत की घोषणा नहीं की गयी है. उन्होंने सरकार और करदाताओं के बीच होने वाले मुकदम्मों को कम करने के लिए नये लिटिगेशन पॉलिसी का स्वागत किया है.
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