BRABU: बिहार विवि से अगले साल जुड़ेंगे दो दर्जन नये कॉलेज, इतने नए छात्रों को मिला स्नातक में एडमिशन

Updated at : 16 Dec 2022 12:33 PM (IST)
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BRABU: बिहार विवि से अगले साल जुड़ेंगे दो दर्जन नये कॉलेज, इतने नए छात्रों को मिला स्नातक में एडमिशन

BRABU: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से संबद्धता के लिए दो दर्जन नये काॅलेजों ने पोर्टल पर आवेदन दिया है. इनको सरकार से मान्यता मिल गयी, तो अगले सत्र में कॉलेजों की संख्या बढ़कर 135 हो जायेगी. पिछले दो साल में 33 नये कॉलेजों को सरकार से संबंधन मिला है.

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BRABU: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से संबद्धता के लिए दो दर्जन नये काॅलेजों ने पोर्टल पर आवेदन दिया है. इनको सरकार से मान्यता मिल गयी, तो अगले सत्र में कॉलेजों की संख्या बढ़कर 135 हो जायेगी. पिछले दो साल में 33 नये कॉलेजों को सरकार से संबंधन मिला है. सत्र 2022-25 में 111 कॉलेज, जिसमें दो कॉलेजों को पिछले महीने मान्यता मिली है. अगले सत्र की संबद्धता के लिए बिहार विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र में आने वाले पांच जिलों के 64 कॉलेजों ने आवेदन किया है. कुलपति की ओर से गठित टीम इन कॉलेजों के भौतिक सत्यापन में जुट गयी है. विवि के अलग-अलग अधिकारी इन काॅलेजों की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं. 20 दिसंबर को विश्वविद्यालय में होने वाली एफिलिएशन कमेटी की बैठक से पूर्व पोर्टल पर आवेदन करने वाले सभी काॅलेजों की जांच पूरी करनी है. विवि की ओर से से बताया गया कि करीब 40 काॅलेज ऐसे हैं, जिन्हें एक या दो वर्ष का संबंधन मिला था. कुछ कॉलेजों को मानक पूरा नहीं करने पर सशर्त संबंधन दिया गया था. अब अगले सत्र में नवीकरण से पहले विवि की टीम मानक की जांच कर रही है.

संसाधनों के साथ कर्मचारियों की नियुक्ति की भी जांच

विवि की टीम जांच के दौरान भूमि, भवन, संसाधन व उपस्कर के साथ ही शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्ति के मानदंड को भी देख रही है. इसी आधार पर जांच टीम रिपोर्ट तैयार कर इंस्पेक्शन शाखा को दे रही है, जिसे संबंधन समिति की बैठक में रखा जायेगा. यहां से स्वीकृति मिलने के बाद उस प्रस्ताव को सिंडिकेट और सीनेट से इसे पास कराया जायेगा. इन काॅलेजों को स्वीकृति देने के लिए 15 जनवरी तक सरकार को प्रस्ताव भेजा जायेगा.

आधा दर्जन कॉलेजों ने नहीं कराया सत्यापन

सत्र 2023-25 में संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले करीब आधा दर्जन कॉलेजों ने भौतिक सत्यापन में अब तक रुचि नहीं दिखायी है. कॉलेजों की जांच के लिए विवि से अलग-अलग टीम बनायी गयी है. 20 दिसंबर को एफिलिएशन कमेटी की बैठक से पहले सभी कॉलेजों का सत्यापन पूरा कर लेना है. अधिकारियों का कहना है कि संबंधित कॉलेजों से संपर्क करने पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है, जिससे जांच नहीं हो सकी.

बढ़ रहे कॉलेज, घट रही छात्रों की संख्या

विश्वविद्यालय में कॉलेजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जबकि छात्रों की संख्या घट रही है. पिछले दो वर्ष में विश्वविद्यालय क्षेत्र में काॅलेजों की संख्या 78 से बढ़कर 111 तक पहुंच गयी है, जबकि करीब 15 हजार तक नामांकन घटा है. ग्रास इनराेलमेंट रेसियो को बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से नये कॉलेजों को संबंधन दिया जा रहा है, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है. इस साल सभी कॉलेजों में करीब दो लाख सीट स्नातक की हो गयी है, जबकि नामांकन एक लाख के करीब ही हो सका है. नये कॉलेज जुड़ने पर सीटों की संख्या और बढ़ेगी.

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