VIDEO: बिहार के छात्रों की जीत, सरकार ने मानी आंदोलनकारियों की मांगें, TRE-4 में एकल परीक्षा का ऐलान

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TRE-4 में अब एकल परीक्षा, छात्रों की बड़ी मांग मानी गई

बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर चला छात्र आंदोलन सफल रहा. सरकार ने TRE-4 में एकल परीक्षा लागू करने, वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट और डोमिसाइल नीति का पालन करने पर सहमति जताई है. आंदोलनकारियों ने इसे छात्रों की एकजुटता की जीत बताया.

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BPSC TRE update : बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर गर्दनीबाग में चल रहा छात्र आंदोलन सरकार की सहमति के बाद बड़ी सफलता के साथ समाप्त होने की ओर है. आंदोलनकारी छात्र नेता दिलीप कुमार ने दावा किया कि सरकार ने आंदोलन से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है. उन्होंने इसे बिहार के लाखों छात्र-छात्राओं और अभ्यर्थियों की जीत बताया.

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TRE-4 में एकल परीक्षा लागू, वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट पर सहमति

आंदोलनकारियों के अनुसार TRE-4 यानी शिक्षक भर्ती परीक्षा में अब एकल परीक्षा का प्रावधान लागू किया जाएगा. TRE-1, TRE-2 और TRE-3 की तर्ज पर TRE-4 की परीक्षा कराने की बात कही गई है. साथ ही वन कैंडिडेट-वन रिजल्ट व्यवस्था लागू करने और डोमिसाइल नीति का पालन करने पर भी सरकार ने सहमति जताई है.

दरोगा-सिपाही भर्ती से लेकर BSSC तक उठे मुद्दे

आंदोलन के दौरान दरोगा और सिपाही भर्ती परीक्षा समेत BSSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया गया. आंदोलनकारियों ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की. साथ ही दरोगा भर्ती के फिजिकल और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को भी सरकार के सामने रखा गया.

1799 दरोगा भर्ती और 17वीं BPSC की जांच की मांग

आंदोलनकारियों ने 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती और 17वीं BPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग भी रखी. इसके अलावा लाइब्रेरियन भर्ती निकालने, AEDO परीक्षा कराने और BTET से जुड़े मामलों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित कराया गया.

भर्ती आयोगों का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग

छात्र नेताओं ने सभी भर्ती आयोगों की ओर से वार्षिक परीक्षा एवं भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की. उनका कहना है कि इससे अभ्यर्थियों को आगामी परीक्षाओं की जानकारी पहले से मिल सकेगी और भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता कम होगी. प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी सरकार की ओर से सहमति की बात कही गई.

आंदोलन के दौरान ट्रोलिंग और धमकी का भी लगाया आरोप

दिलीप कुमार ने कहा कि आंदोलन के दौरान उन्हें और उनके साथियों को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया और बदनाम करने की कोशिश की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने फोन और मैसेज के जरिए उनके साथियों को धमकी भी दी. इसके बावजूद आंदोलनकारी अपने मुद्दों पर डटे रहे.

बोले- दो दिन और दो रात जिंदगी का सबसे कठिन दौर रहा

आंदोलनकारी छात्र नेता ने भावुक होते हुए कहा कि लगातार ट्रोलिंग के कारण पिछले दो दिन और दो रात उनके लिए बेहद मुश्किल रहे. उन्होंने आंदोलन में साथ देने वाले साथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुश्किल समय में साथियों ने उनका हौसला बनाए रखा और उन्हें आंदोलन से पीछे नहीं हटने दिया.

छात्र-छात्राओं और समर्थकों को दिया जीत का श्रेय

दिलीप कुमार ने आंदोलन की सफलता का श्रेय बिहार के लाखों छात्र-छात्राओं की एकजुटता को दिया. उन्होंने खास तौर पर महिला अभ्यर्थियों और आंदोलन में लगातार शामिल रहे छात्र-छात्राओं का आभार जताया. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कई लोगों ने भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराकर आंदोलनकारियों का साथ दिया.

बेल्ट्रॉन की सेकेंड लिस्ट पर भी विचार का आश्वासन

आंदोलनकारियों ने बेल्ट्रॉन की सेकेंड लिस्ट जारी करने की मांग भी सरकार के सामने रखी. इस मांग पर विचार करने का आश्वासन मिलने की बात कही गई है. आंदोलनकारियों का कहना है कि अन्य मांगों को लेकर भी जल्द आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है.

छात्र नेता ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि बिहार के लाखों अभ्यर्थियों की जीत है. उन्होंने कहा कि आंदोलन ने यह साबित किया कि छात्र-नौजवान एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए आवाज उठाएं तो सरकार तक उनकी बात पहुंचाई जा सकती है.

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