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प्रस्ताव में देरी से अधर में लटका राजगीर का केंद्रीय विद्यालय

Updated at : 03 Oct 2025 9:38 PM (IST)
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प्रस्ताव में देरी से अधर में लटका राजगीर का केंद्रीय विद्यालय

राजगीर.नालंदा जिले में केंद्रीय विद्यालय खोलने को लेकर लंबे समय से चल रही कवायद पर आखिरकार केंद्र सरकार ने निर्णय ले लिया है. जिले में दो केंद्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव भेजा गया था.

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राजगीर.

नालंदा जिले में केंद्रीय विद्यालय खोलने को लेकर लंबे समय से चल रही कवायद पर आखिरकार केंद्र सरकार ने निर्णय ले लिया है. जिले में दो केंद्रीय विद्यालय खोलने का प्रस्ताव भेजा गया था. उनमें एक बिहारशरीफ के महानंदपुर और दूसरा राजगीर के महादेवपुर में खोलना था. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महानंदपुर के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. लेकिन राजगीर में केन्द्रीय विद्यालय खोलने की योजना फिलहाल अधर में लटक गई है. उल्लेखनीय है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने राजगीर के केन्द्रीय विद्यालय संचालन के लिए अस्थायी रूप से भवन और फर्नीचर उपलब्ध कराने की सहमति भी दी थी. इसके बावजूद योजना को मंजूरी नहीं मिल पाई है. सूत्रों के अनुसार इसका मुख्य कारण प्रस्ताव भेजने में हुई देरी है. महानंदपुर का प्रपोजल समय पर केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसके कारण उसे मंजूरी मिल गई. वहीं राजगीर का प्रस्ताव विलंब से भेजा गया, जिसके चलते केंद्र स्तर पर विचार संभव नहीं हो सका. इस देरी का खामियाजा राजगीर को उठाना पड़ा है. फिलहाल राजगीर में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी नहीं मिल पाई है. जानकार बताते हैं कि जिला प्रशासन द्वारा राजगीर के महादेवपुर गांव के पास हेलीपैड के बगल के लैंड बैंक की भूमि विद्यालय के लिए चिह्नित की गयी थी. केंद्रीय विद्यालय संगठन के साथ समन्वय कर प्रपोजल भी तैयार कर भेजा गया था. लेकिन अंतिम चरण में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में हुई देर से यह महत्वपूर्ण योजना अटक गई. इस स्थिति से राजगीरवासियों में गहरी मायूसी है. यहां के लोग वर्षों से केंद्रीय विद्यालय की मांग कर रहे हैं, ताकि नालंदा विश्वविद्यालय, सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर, खेल विश्वविद्यालय, खेल अकादमी, पुलिस अकादमी सहित स्थानीय बच्चों को बेहतर शिक्षा की सुविधा मिल सके. केन्द्रीय कैबिनेट की मुहर लगने के बाद बिहारशरीफ के महानंदपुर में नया केंद्रीय विद्यालय खुलने का रास्ता साफ हो गया है. लेकिन राजगीर को अभी और इंतजार करना होगा. राजगीर के बुद्धिजीवियों और अभिभावकों का मानना है कि यदि प्रशासन समय पर प्रपोजल भेजती तो राजगीर केंद्रीय विद्यालय की सौगात से वंचित नहीं होता. हालांकि स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि निकट भविष्य में इस प्रस्ताव को फिर से आगे बढ़ाया जाएगा और मंजूरी मिल सकेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANTOSH KUMAR SINGH

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