राजगीर जू सफारी में सांपों के बचाव की ट्रेनिंग, वनकर्मियों और छात्रों ने सीखी रेस्क्यू तकनीक

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फोटो - राजगीर के जू सफारी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी | Prabhat Khabar Network

राजगीर के जू सफारी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी | Prabhat Khabar Network

राजगीर जू सफारी में सांपों के संरक्षण और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वनकर्मियों और छात्रों ने सर्पों की पहचान और बचाव की तकनीकें सीखीं.

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राजगीर जू सफारी में सर्पों के संरक्षण, सुरक्षित रेस्क्यू और मानव-सर्प संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से रविवार को एक विशेष सर्प बचाव एवं रेस्क्यू प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जू सफारी के कर्मचारियों, वनकर्मियों तथा बिहार वेटनरी कॉलेज, पटना से इंटर्नशिप के लिए आए छात्रों को सर्पों की वैज्ञानिक पहचान, सुरक्षित रेस्क्यू तकनीकों और संरक्षण के प्रति प्रशिक्षित करना रहा.

विषैले व गैर-विषैले सर्पों की पहचान और व्यवहार पर हुई चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान 'ह्यूमन वाइल्डलाइफ कॉन्फ्लिक्ट मिटिगेशन' एक्सपर्ट अभिषेक ने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रजातियों के विषैले एवं गैर-विषैले सर्पों की पहचान करने के तरीके बताए. उन्होंने उनके व्यवहार, प्राकृतिक आवास, पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका तथा रेस्क्यू के दौरान अपनाई जाने वाली मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं (SOP) की विस्तृत जानकारी दी.

एक्सपर्ट ने स्पष्ट किया कि सही जानकारी और प्रशिक्षित रेस्क्यू तंत्र के माध्यम से मानव-सर्प संघर्ष को काफी हद तक कम किया जा सकता है, जिससे इंसानों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.

जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं सांप: निदेशक राम सुन्दर एम

जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम ने कहा कि सर्प हमारी जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक हैं. इनके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जन-जागरूकता और एक कुशल trained रेस्क्यू टीम का होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं.

अधिकारियों व वनरक्षियों ने व्यावहारिक पहलुओं को समझा

कार्यक्रम में जू सफारी के पशुचिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीत कुमार, उपनिदेशक अजय कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी शिवम सिन्हा व सूरज कुमार तथा वनरक्षियों सहित अन्य कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सर्प रेस्क्यू से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी हासिल की तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

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