हरनौत में 10 अगस्त से चलेगा मेगा पौधारोपण अभियान, 16 पंचायतों में लगाए जाएंगे 2,400 पौधे

मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी आनंद कुमार की तस्वीर
Biharsharif News : हरनौत प्रखंड में 10 अगस्त से एक बड़े पौधारोपण अभियान की शुरुआत होने जा रही है. इस अभियान का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ाना है. 16 पंचायतों में 2,400 फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे, जिनकी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा.
Biharsharif News : पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और जलवायु संतुलन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हरनौत प्रखंड में 'विकसित भारत–जी रामजी योजना' के तहत 10 अगस्त से व्यापक पौधारोपण अभियान शुरू किया जाएगा. इस अभियान के तहत प्रखंड की सभी 16 पंचायतों में सरकारी और निजी भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे. अभियान की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन ने इसके सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं.
धान रोपाई के कारण टला था अभियान
मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी आनंद कुमार ने गुरुवार को बताया कि प्रारंभिक रूप से अभियान जुलाई के अंतिम सप्ताह में शुरू होना था. हालांकि क्षेत्र के किसान और मजदूर धान की रोपाई में व्यस्त होने के कारण इसे कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया. अब इसकी औपचारिक शुरुआत 10 अगस्त से की जाएगी.
16 पंचायतों में लगाए जाएंगे 2,400 पौधे
उन्होंने बताया कि प्रखंड की प्रत्येक पंचायत में 12 यूनिट के तहत कुल 2,400 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. सभी 16 पंचायतों में सरकारी भूमि के साथ-साथ इच्छुक लोगों की निजी भूमि पर भी पौधारोपण किया जाएगा, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार हो सके.
फलदार और छायादार पौधों को मिलेगी प्राथमिकता
अभियान के तहत स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बरगद, पीपल, नीम, शीशम, महोगनी, सागवान, कटहल, आम, अमरूद, नींबू, जामुन सहित विभिन्न फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे. इन पौधों का उद्देश्य हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देना और भविष्य में लोगों को आर्थिक एवं सामाजिक लाभ पहुंचाना है.
पौधों की सुरक्षा और देखभाल की होगी व्यवस्था
मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे का घेराव कराया जाएगा, ताकि मवेशियों से उन्हें नुकसान न पहुंचे. साथ ही पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी. इस अभियान के माध्यम से स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा.
अगस्त का महीना पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त
उन्होंने बताया कि पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार मानसून के दौरान अगस्त का महीना पौधारोपण के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. इस समय मिट्टी में पर्याप्त नमी होने से पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक रहती है और उनकी बेहतर वृद्धि होती है.
लोगों से अभियान में भागीदारी की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से भी पौधारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा.
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