बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन: करोड़ों की लागत से बना विजवनपर पुल दो साल में ही दरका, गुणवत्ता पर उठे सवाल

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रजौली-बख्तियारपुर सड़क

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Vijvanpar NH-20 bridge Cracks : बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन पर विजवनपर रेलवे क्रॉसिंग के पास बना पुल निर्माण के सिर्फ दो साल के भीतर ही दरकने लगा है. इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोग तत्काल तकनीकी जांच व स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.

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Vijvanpar NH-20 bridge Cracks : बिहारशरीफ में बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन NH-20 पर विजवनपर रेलवे क्रॉसिंग के पास बने पुल में दरार आने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. यह पुल जून 2024 में यातायात के लिए खोला गया था. करीब दो साल में पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू होने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गयी है. लोगों ने तकनीकी जांच कराकर स्थायी समाधान की मांग की है.

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दो साल में ही पुल में दिखने लगी दरार

बिहारशरीफ में बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन NH-20 पर विजवनपर रेलवे क्रॉसिंग के पास बने पुल में दरार आने लगी है. पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा सामने आने के बाद इसकी निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग के कर्मी क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में जुटे हैं.

जून 2024 में यातायात के लिए खुला था पुल

विजवनपर रेलवे क्रॉसिंग पर बने इस पुल का निर्माण जून 2024 में पूरा हुआ था. इसके बाद इसे वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया. अभी पुल को यातायात के लिए शुरू हुए करीब दो वर्ष ही हुए हैं, लेकिन इसमें दरार आने से स्थानीय लोगों ने इसकी मजबूती और रखरखाव को लेकर सवाल उठाये हैं.

क्षतिग्रस्त हिस्से पर मरम्मत का काम शुरू

पुल में दरार सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के कर्मी फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर रहे हैं. मौके पर वोल्ट लगाकर मरम्मत की कोशिश की जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मरम्मत करने के बजाय पहले दरार के वास्तविक कारण की तकनीकी जांच होनी चाहिए.

करोड़ों की परियोजना में इतनी जल्दी खराबी पर सवाल

बख्तियारपुर-रजौली फोरलेन करीब 107 किलोमीटर लंबा है. इस मार्ग पर कई पुल और अन्य संरचनाएं बनाई गयी हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सड़क परियोजना के किसी पुल में इतनी कम अवधि में खराबी सामने आना गंभीर विषय है. हालांकि, दरार का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.

दूसरे पुलों पर भी मरम्मत से परेशानी का दावा

स्थानीय लोगों के अनुसार फोरलेन के अलग-अलग हिस्सों में समय-समय पर पुलों की मरम्मत का काम होता रहता है. कई बार इसके कारण वाहनों को एक तरफ से निकालना पड़ता है. इससे व्यस्त समय में वाहन चालकों को जाम और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है.

एकतरफा यातायात से दुर्घटना का खतरा

लोगों का कहना है कि जब किसी पुल पर मरम्मत के कारण यातायात एक लेन से संचालित होता है, तो वाहन चालकों को परेशानी होती है. ऐसे स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए मरम्मत के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षा इंतजाम पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

लोगों ने गुणवत्ता जांच की मांग की

विजवनपर पुल की मौजूदा स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि दरार क्यों आयी, इसका पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों से पुल की जांच करायी जानी चाहिए. जांच के बाद ही मरम्मत का स्थायी तरीका तय किया जाना चाहिए.

खानापूर्ति वाली मरम्मत नहीं, स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की मरम्मत केवल ऊपर से क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. पुल की संरचनात्मक स्थिति की जांच कर यह देखना जरूरी है कि दरार की वजह क्या है. यदि कोई तकनीकी कमी सामने आती है, तो उसे दूर कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए.

सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाने की जरूरत

पुल पर दरार सामने आने के बाद लोगों ने सुरक्षा को लेकर तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है. उनका कहना है कि पुल से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, इसलिए इसकी स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. जांच पूरी होने तक क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास जरूरी सुरक्षा इंतजाम भी किये जाने चाहिए.

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