नालंदा में 22 सितंबर को जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी, भारतीय ऊर्जा परिदृश्य-2047 पर विद्यार्थी रखेंगे विचार

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जिला शिक्षा कार्यालय, नालंदा

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जिले के स्कूली छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन 22 सितंबर को होगा. प्रतियोगिता का विषय 'भारतीय ऊर्जा परिदृश्य-2047 : संभावनाएं एवं चुनौतियां' है.

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Vigyan Sangoshthi: जिले के स्कूली छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता और वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी भोला कुमार कर्ण ने बताया कि जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी प्रतियोगिता 22 सितंबर को नालंदा कॉलेजिएट प्लस-टू विद्यालय, बिहारशरीफ में अपराह्न चार बजे से होगी.

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इसमें प्रखंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी शामिल होंगे. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा, नालंदा ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने प्रखंड से प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भेजना सुनिश्चित करें. प्रतिभागी के साथ एक शिक्षक या शिक्षिका को मार्गदर्शक के रूप में भेजा जाएगा.

भारतीय ऊर्जा परिदृश्य-2047 होगा संगोष्ठी का विषय

इस वर्ष विज्ञान संगोष्ठी का विषय “भारतीय ऊर्जा परिदृश्य-2047 : संभावनाएं एवं चुनौतियां” निर्धारित किया गया है. प्रतियोगिता विद्यालय स्तर से शुरू होकर प्रखंड, जिला और प्रमंडल स्तर तक आयोजित होगी. इसके बाद चयनित प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा. राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे.

20 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की होगी लिखित परीक्षा

प्रतिभागियों की वैज्ञानिक अभिरुचि की जांच के लिए 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की लिखित परीक्षा होगी. प्रत्येक प्रश्न के लिए दो अंक निर्धारित हैं. परीक्षा के लिए 20 मिनट का समय दिया जाएगा. इसके अलावा प्रतिभागी को निर्धारित विषय पर छह मिनट में व्याख्यान प्रस्तुत करना होगा.

100 अंकों के आधार पर होगा मूल्यांकन

प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा. वैज्ञानिक विषयवस्तु के लिए 40 अंक, व्याख्यान में धाराप्रवाह प्रस्तुति के लिए 25 अंक, अभिक्षमता जांच के लिए 20 अंक, निर्णायक मंडल के प्रश्नों के उत्तर के लिए 10 अंक तथा चार्ट, ग्राफ और चित्र जैसे दृश्यों में नवीनता के लिए पांच अंक निर्धारित किये गये हैं.

प्रस्तुति के दौरान अधिकतम पांच पोस्टर अथवा पांच स्लाइड वाली पीपीटी का इस्तेमाल किया जा सकेगा. वहीं, 3-डी मॉडल, वीडियो और फिल्म दिखाने की अनुमति नहीं होगी.

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