नालंदा : सड़क बचाने को लगेगा हाइट बैरियर, ट्रकों की आवाजाही पर संकट; उद्योगपतियों ने जिला प्रशासन से लगाई गुहार

Updated:
विज्ञापन
फोटो : बजरंगी बिगहा जाने वाली सड़क  | Prabhat Khabar Network

बजरंगी बिगहा जाने वाली सड़क | Prabhat Khabar Network

नालंदा के गिरियक में बजरंगी बीघा मार्ग पर हाइट बैरियर लगाने की प्रक्रिया से औद्योगिक जगत में हड़कंप मच गया है. भारी वाहनों पर रोक से कई राइस मिलों और कोयला आधारित उद्योगों पर ताला लगने का खतरा मंडरा रहा है. उद्योगपतियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की अपील की है.

विज्ञापन

Nalanda News : नालंदा जिले के गिरियक में एनएच-20 से बजरंगी बीघा तक निर्माणाधीन ग्रामीण सड़क पर हाइट रेस्ट्रिक्शन बैरियर (ऊंचाई अवरोधक) लगाने की प्रक्रिया शुरू होते ही क्षेत्र के उद्योग एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों में गहरी चिंता व्याप्त हो गई है. भारी वाहनों के दबाव से सड़क को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के उद्देश्य से ग्रामीण कार्य विभाग ने यह कड़ा निर्देश जारी किया है.

दूसरी तरफ, स्थानीय उद्योग संचालकों ने इसे अपने फलते-फूलते कारोबार के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए सीधे जिलाधिकारी (डीएम) से इस मामले में हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है.

ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल राजगीर के सहायक अभियंता द्वारा इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है. पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्माणाधीन सड़क पर निर्धारित वहन क्षमता से अधिक वजन वाले भारी वाहनों (ओवरलोडेड ट्रकों) के लगातार परिचालन के कारण नवनिर्मित सड़क को भारी नुकसान पहुंचने की पूरी आशंका बनी हुई है.

इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित संवेदक (ठेकेदार) को तत्काल प्रभाव से मार्ग पर हाइट रेस्ट्रिक्शन बैरियर स्थापित करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने यह भी साफ किया है कि इस विषय में पहले भी निर्देश जारी किए गए थे, परंतु उनका अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया था.

ट्रकों की आवाजाही रुकने से कई राइस मिलों पर ताला लगने का संकट

बजरंगी बीघा मार्ग पर संचालित औद्योगिक इकाइयों के दर्जनों प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर जिलाधिकारी को एक लिखित आवेदन सौंपा है और बैरियर निर्माण के फैसले पर पुनर्विचार करने की भावुक अपील की है. उद्योगपतियों का कहना है कि:

  • पावापुरी राइस मिल, आरवीसी ट्रेडिंग, आनंदम एग्रो और रामाय एग्रो इंडस्ट्रीज सहित कई बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों का पूरा संचालन भारी वाहनों से होने वाली दैनिक माल ढुलाई पर ही निर्भर है.
  • यदि इस मार्ग पर ट्रकों की आवाजाही को किसी भी तरह बाधित या प्रतिबंधित किया गया, तो मिलों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों का देशव्यापी परिवहन पूरी तरह ठप हो जाएगा.

कोयला आधारित उद्योगों और स्थानीय रोजगार पर पड़ेगा सीधा असर

उद्योग संचालकों ने अपनी व्यावहारिक समस्याओं को साझा करते हुए बताया कि इसी मुख्य मार्ग पर कई महत्वपूर्ण कोयला आधारित उद्योग भी संचालित हो रहे हैं, जिनकी प्रतिदिन की कच्ची आपूर्ति पूरी तरह से बड़े ट्रकों के माध्यम से ही होती है.

ऐसे में प्रशासन द्वारा लगाया जाने वाला किसी भी प्रकार का भौतिक प्रतिबंध स्थानीय स्तर पर स्थापित भारी उद्योग, बड़े पैमाने पर जुड़े प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार और व्यापक व्यापारिक गतिविधियों पर बेहद प्रतिकूल और विनाशकारी असर डाल सकता है.

अब जिला प्रशासन के समक्ष एक तरफ जहां सरकारी राजस्व से बन रही सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों की निरंतरता के बीच एक व्यावहारिक संतुलन बनाते हुए न्यायसंगत निर्णय लेने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. इस संवेदनशील विषय पर पूरे क्षेत्र के उद्योग जगत और आम स्थानीय लोगों की नजरें अब जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.

Also Read : शेखपुरा : पैक्स और व्यापार मंडलों को 26 जुलाई तक चावल जमा करने का निर्देश, 1483 MT आपूर्ति अब भी बाकी


विज्ञापन
Ranjit Singh

लेखक के बारे में

By Ranjit Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन