बिहार के हर पंचायत में बनेगा हाट, जिला और प्रखंड स्तर पर खुलेंगे मार्ट, जानिए सम्राट सरकार का मेगा प्लान

सम्राट चौधरी की फाइल फोटो
Bihar Government: बिहार के हर पंचायत में हाट बनाए जाएंगे, जबकि जिला और प्रखंड स्तर पर मार्ट खोले जाएंगे. इससे जीविका दीदियों के उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
Bihar Government: बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम फैसला लिया है. अब राज्य के हर पंचायत में हाट विकसित किए जाएंगे. इसके साथ ही जिला मुख्यालयों और प्रखंड स्तर पर भी हाट और मार्ट खोले जाएंगे.
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य स्थानीय बाजार को मजबूत करना और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है.
जीविका दीदियों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
सरकार की योजना है कि नए हाट और मार्ट में जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री की जाएगी. इससे महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए बड़ा बाजार मिलेगा. वहीं, लोगों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण सामान आसानी से उपलब्ध हो सकेगा.
पर्यटन स्थलों पर भी बिकेंगे स्थानीय उत्पाद
सरकार जीविका समूह के उत्पादों को पर्यटन से भी जोड़ने की तैयारी कर रही है. इसके तहत बोधगया, नालंदा, वैशाली, राजगीर, पावापुरी, रोहतास, बक्सर, सीतामढ़ी और केसरिया जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जीविका उत्पादों की बिक्री का प्रस्ताव है.
सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय उत्पादों की पहचान बढ़ेगी और महिलाओं की आय में भी इजाफा होगा.
लाखों परिवारों को मिल रहा लाभ
ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि जीविका योजना के माध्यम से लाखों परिवार आत्मनिर्भर बन रहे हैं.
बकरीपालन और पशुपालन से 9.78 लाख से अधिक परिवार जुड़े हैं. खेती से 46.89 लाख किसान दीदी जुड़ी हुई हैं. राज्य में जीविका समूहों ने 61 उत्पादक कंपनियां भी बनाई हैं. मनरेगा कार्यों में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा. सरकार ने मनरेगा जैसी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीकी व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है.
इसके तहत बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी. जीपीएस ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जाएगा. निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जाएगी.
सरकार का कहना है कि इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा.
खेती के मौसम में नहीं होगा मनरेगा का काम
मंत्री ने बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोपनी, बुआई और कटनी के समय 60 दिनों तक मनरेगा के कुछ कार्य बंद रखे जाएंगे. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खेती के दौरान किसानों को मजदूरों की कमी का सामना न करना पड़े और कृषि कार्य प्रभावित न हो.
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विधानसभा में हुई लंबी चर्चा
ग्रामीण विकास विभाग की अनुपूरक अनुदान मांग पर विधानसभा में लंबी चर्चा हुई. इस दौरान कई विधायकों ने अपने-अपने सुझाव और सवाल रखे. विपक्ष की ओर से कटौती प्रस्ताव भी पेश किया गया, जिस पर सदन में बहस हुई.
खजाना खाली होने के आरोप पर सरकार का जवाब
उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि राज्य का खजाना खाली हो गया है. उन्होंने कहा कि कुछ विभागों में तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी हुई है. इसका मतलब यह नहीं कि सरकार के पास धन की कमी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी लंबित भुगतान जल्द कर दिए जाएंगे.
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By अभिनंदन पांडेय
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