Bihar Panchayat Chunav: बिहार में पंचायत चुनाव कब होगा सम्राट चौधरी ने बता दिया, जानिए परिसीमन को लेकर सीएम का पूरा रोडमैप
सम्राट चौधरी
Bihar Panchayat Chunav: बिहार में अगले पंचायत चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महत्वपूर्ण घोषणा की है. सोमवार को आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-5’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अगला पंचायत और नगर निकाय चुनाव परिसीमन की नई प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराया जाएगा.
Bihar Panchayat Chunav: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अगला पंचायत चुनाव परिसीमन के बाद ही कराया जायेगा. सोमवार को ताज सिटी सेंटर में आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-5’ मुखिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नगर निकायों में भी परिसीमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी, ताकि पंचायत और नगर निकाय क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण हो सके.
सम्राट चौधरी ने कहा कि लगभग साढ़े सात हजार की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम किया जायेगा. पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जायेगा. इससे मुखिया को पंचायत क्षेत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहायता मिलेगी और गांवों की विकास व्यवस्था को और बेहतर किया जा सकेगा.
2037 तक बिहार को विकसित बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं. 2037 में बिहार की स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने के अवसर तक बिहार को समृद्ध, सशक्त और विकसित बनाने के लिए अभी से योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है.
सम्राट चौधरी ने पंचायत स्तर पर राजस्व के नये स्रोत विकसित करने के लिए ग्राम संसद से सुझाव देने की अपील की, ताकि गांवों में कचरा प्रबंधन, पेयजल, बिजली, सड़क सहित बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों पर अतिरिक्त कर लगाने के पक्ष में नहीं है. ग्राम संसद के माध्यम से गांवों के विकास के लिए ठोस सुझाव सामने आने चाहिए.
हर पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर हो रहा काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' की शुरुआत की गयी है. इसके तहत हर पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिनमें स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र आदि के रख-रखाव, रंगाई-पुताई और आधारभूत सुविधाओं को निर्धारित समय सीमा में बेहतर बनाने का कार्य शामिल है. उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सहयोग शिविर की शुरुआत की गयी है.
हर माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभा की होगी बैठक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने की व्यवस्था शुरू की गयी है. इस प्रकार वर्ष में कम-से-कम 12 बार ग्राम सभा की बैठक कर गांव के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा और निर्णय किये जा रहे हैं. पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के साथ-साथ उनके रख-रखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने कहा कि पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के बीच विकास को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना होनी चाहिए, ताकि उनके क्षेत्र में सड़क, जल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो.
अधिक-से-अधिक निजी विश्वविद्यालय खोलने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से करीब 18 हजार करोड़ रुपये राज्य से बाहर जाते हैं. इसे देखते हुए बिहार में उच्च शिक्षा के संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है. राज्य में अधिक-से-अधिक निजी विश्वविद्यालय खोलने का लक्ष्य है, ताकि बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने राज्य में ही उपलब्ध हो सके.
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2030 से पहले एक करोड़ लोगों को नौकरी व रोजगार
सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी व रोजगार उपलब्ध कराना है. अगले चार-पांच वर्षों में ऐसी परिस्थितियां बनाने का प्रयास किया जायेगा कि बिहार के लोगों को मजबूरी में रोजगार के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े. उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा तकनीक का उपयोग कर बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के संबंध में सुझाव देने का आग्रह किया.
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