क्या आपकी पंचायत का नक्शा भी बदलेगा? जानिए बिहार पंचायत परिसीमन का पूरा प्लान
बिहार पंचायत चुनाव का नया अपडेट
Bihar Panchayat Election: बिहार में मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही आगामी चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं. परिसीमन को सटीक बनाने के लिए प्रशासन मोबाइल एप के जरिए 1785 गांवों और टोलों की डिजिटल मैपिंग करा रहा है. यह काम 10 सितंबर तक पूरा किया जाएगा.
Bihar Panchayat Election: बिहार में मौजूदा पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने की ओर है. ऐसे में अगले पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं. संभावित आरक्षण रोस्टर में बदलाव के बीच अब पंचायतों की सीमा तय करने की तैयारी भी शुरू हो गई है. इसी के तहत जिले के सभी गांव और टोलों की डिजिटल लोकेशन दर्ज की जा रही है.
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गांव-टोलों की GPS से होगी मैपिंग
प्रशासन ने पंचायतों की सीमा तय करने के काम को ज्यादा सही और साफ रखने के लिए डिजिटल मैपिंग शुरू की है. गांव-टोलों की भौगोलिक स्थिति मोबाइल एप के जरिए दर्ज की जा रही है. फील्ड में लगाए गए कर्मचारियों को संबंधित गांव या टोले में पहुंचकर मोबाइल का GPS चालू करना है. इसके बाद अक्षांश और देशांतर यानी उस जगह की सही लोकेशन एप पर दर्ज करनी है. इस काम को हर हाल में 10 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
2011 और 1991 की जनगणना के आंकड़ों को भी देखा गया
पंचायतों की सीमा तय करने की शुरुआती तैयारी 2011 की जनगणना के आधार पर शुरू की गई थी. इसके साथ 1991 की जनगणना के आंकड़ों को भी देखा गया. दोनों वर्षों की जनसंख्या के अनुपात की तुलना की गई है. अब गांवों में जाकर डिजिटल मैपिंग के जरिए उनकी असली भौगोलिक स्थिति की जांच की जा रही है. इस दौरान एक गांव से दूसरे गांव तक आने-जाने की सुविधा, नाला, नहर, पइन और दूसरे रास्तों व भौगोलिक स्थिति की जानकारी भी जुटाई जा रही है.
एक गांव या टोले के 9 स्थानों की लोकेशन होगी दर्ज
हर गांव या टोले के लिए 9 खास जगहों की लोकेशन दर्ज की जाएगी. इनमें उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम दिशा के साथ बीच का हिस्सा शामिल है. इसके अलावा उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम दिशा के चारों कोनों की भी मैपिंग होगी.
इससे गांव और टोले का डिजिटल भौगोलिक रिकॉर्ड तैयार होगा. पंचायत की सीमा तय करते समय इससे प्रशासन को आसानी होगी और यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस गांव को किस पंचायत में रखना वहां के लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक रहेगा.
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पंचायत सचिव समेत कई कर्मचारी फील्ड में लगाए गए
इस काम को समय पर पूरा करने के लिए प्रखंड स्तर पर अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है. कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव और आवास सहायकों को फील्ड में लगाया गया है. ये कर्मचारी गांव और टोलों की सही लोकेशन दर्ज करने के साथ पंचायतों की सीमा तय करने के लिए जरूरी भौगोलिक जानकारी भी जुटा रहे हैं.
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