बिहार में गर्मी किसानों के लिए बनी आफत, सूखने की कगार पर फसलें, जानें सरकार की क्या है तैयारी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Jun 2023 11:52 AM

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Bihar News: बिहार में जून महीने में गर्मी ने 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. बारिश कम होने के कारण धान की खेती पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. अभी तक धान के बिचड़े की रोपणी गति नहीं पकड़ पायी है. जून में अब तक सामान्य से 83 फीसदी कम बारिश हुई है.

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Bihar News: बिहार में जून महीने में गर्मी ने 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. बारिश कम होने के कारण धान की खेती पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. अभी तक धान के बिचड़े की रोपणी गति नहीं पकड़ पायी है. जून में अब तक सामान्य से 83 फीसदी कम बारिश हुई है. वहीं भीषण गर्मी के कारण खेतों में डाले गये धान के बिचड़े भी सूख रहे है. ऐसे में कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने बताया है कि किसानों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. सरकार उनके मदद की व्यवस्था कर रही है.

सुखाड़ की स्थिति के लिए सरकार ने की तैयारी

सुखाड़ की स्थिति होने पर कृषि विभाग की मुकम्मल तैयारी है. विभाग ने 250 करोड़ रुपया का इंतजाम कर रखा है. 50 करोड़ कृषि विभाग और 200 करोड़ रुपये आपदा विभाग के पास है. राज्य में अगर सुखाड़ की घोषणा सरकार करेगी, हम 250 करोड़ रुपये किसानों को राहत के रूप में देंगे. डीजल सब्सिडी के तौर पर यह राशि दी जायेगी. इससे किसान पटवन कर सकेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने स्पष्ट कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो 500 करोड़ रुपये भी किसानों को मुआवजा दिया जायेगा. गर्म हवाओं के कारण भी कुछ किसान बिचड़ा नहीं डाल रहे हैं. प्रकृति की इस लीला से महिलाएं ही बचा सकती हैं. महिलाएं व जीविका दीदी पौधरोपण कर जलवायु परिवर्तन को संतुलित कर सकती हैं.

सरकार किसानों को मोटे अनाज के लिए कर रही प्रेरित

कृषि मंत्री ने कहा है कि बारिश कम हुई है और आगे भी बारिश कम होगी. इस कारण हम मोटे अनाज के लिए किसानों को प्रेरित कर रहे हैं. मोटे अनाज के बीज बांटने का विभाग को निर्देश दिया है. पूरे राज्य में 17 फीसदी धान बीज का वितरण हो गया है. बिहार के सभी प्रखंडों में बीज उपलब्ध है. किसान समन्वयकों के हड़ताल के कारण बीज वितरण में आ रही समस्याओं का समाधान कर लिया गया है. किसान प्रखंड मुख्यालय पर जाकर डिमांड के अनुसार, बीज का उठाव कर सकते हैं. बाढ़ प्रभावित इलाके में जिस जिले में मक्के की खेती हो रही है, वहां मक्का के बीज का वितरण करने का निर्देश दिया गया है.

एग्रीकल्चर फीडर से किसानों को मिलेगी राहत

राज्य में एग्रीकल्चर फीडर बनाया जा रहा है. इससे किसानों को काफी राहत होगी. हम ऊर्जा विभाग से मांग करते हैं कि फीडर निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा किया जाय. ऊर्जा विभाग इसे प्राथमिकता के रूप में पूरा कराये.

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