ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन देने वालों को सरकार का बड़ा तोहफा, मिलेगी ये खास छूट
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप (AI फोटो)
Bihar Greenfield Satellite Township: बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले मालिकों को सरकार की ओर से छूट दी गई है. जानकारी के मुताबिक, जमीन के रजिस्ट्रेशन पर किसी प्रकार की स्टांप ड्यूटी या रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगा.
Bihar Greenfield Satellite Township: बिहार के 11 शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को विकसित किया जाएगा. इसे लेकर बिहार सरकार की ओर से मंजूरी दी गई. नगर विकास एवं आवास विभाग ने टाउनशिप क्षेत्र में जमीन मालिकों से सीधे भूमि खरीद की विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया जारी कर दी है.
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इसके तहत बिहार राज्य आवास बोर्ड को बेची जाने वाली भूमि के रजिस्ट्रेशन पर किसी प्रकार की स्टांप ड्यूटी या रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगा. सरकार ने इसको लेकर गुरुवार को संकल्प जारी कर दिया. यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.
टाउनशिप के लिए जमीन देने के लिए यह करना पड़ेगा
नई एसओपी की माने तो, अगर कोई जमीन मालिक अपनी जमीन टाउनशिप के लिए बेचना चाहता है, तो वह ड्राफ्ट सेल डीड और जरूरी डॉक्युमेंट्स के साथ अपना प्रस्ताव सीधे आवास बोर्ड के एमडी को सौंप सकेगा. इसके बाद आवास बोर्ड को सात दिनों में उसकी प्रारंभिक जांच पूरी करनी होगी. फिर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.
इस तरह से बनाई जाएगी समिति
जमीन की खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए जिला और प्रमंडल स्तर पर रैयती भूमि क्रय समितियों का गठन किया गया है. 100 करोड़ रुपये तक के भूमि क्रय प्रस्तावों पर संबंधित डीएम की अध्यक्षता वाली समिति निर्णय लेगी. जबकि 100 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों पर प्रमंडलीय आयुक्त (कमिश्नर) की अध्यक्षता वाली समिति विचार करेगी.
समिति भूमि के मूल्य के साथ-साथ उस पर स्थित भवन, पेड़-पौधे और अन्य परिसंपत्तियों का आकलन कर कुल मुआवजा राशि निर्धारित करेगी. इसके बाद जमीन मालिक की लिखित सहमति मिलने के बाद सक्षम प्राधिकार से अंतिम अप्रूवल लिया जाएगा.
जमीन मालिक को कब मिलेंगे रुपये?
सक्षम प्राधिकार से स्वीकृति मिलने के बाद आवास बोर्ड को सात दिनों में जमीन मालिक को निर्धारित राशि का शत-प्रतिशत भुगतान करना होगा. इसके बाद आवास बोर्ड के अधिकृत पदाधिकारी के माध्यम से सेल डीड का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा. साथ ही निर्धारित अवधि में भूमि का दाखिल-खारिज भी आवास बोर्ड के पक्ष में सुनिश्चित किया जाएगा.
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