बिहार के इन 6 जिलों से सरकार को मिलेगा 2300 करोड़ का राजस्व, जानिए गवर्नमेंट की मेगा प्लानिंग
पत्थर खनन (सांकेतिक तस्वीर)
Bihar Government: बिहार सरकार की ओर से पत्थर और गिट्टी के मामले में आत्मनिर्भर बनने के लिए मेगा प्लानिंग तैयार की गई है. माना जा रहा है कि इससे सरकार को लगभग 2300 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकेगा. इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकेगी.
Bihar Government: बिहार की अब निर्माण कार्यों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी और आम लोगों से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. बिहार सरकार ने गया, नवादा, रोहतास, औरंगाबाद, बांका और शेखपुरा जिलों में पत्थर खनन के विस्तार करने का निर्णय लिया है.
44 पहाड़ियों को किया गया चिन्हित
बिहार सरकार ने इन 6 जिलों की 44 चिन्हित पहाड़ियों पर खनन संचालन की स्वीकृति दी है. करीब 520 एकड़ इलाके में होने वाले इस खनन से राज्य सरकार को लगभग 2300 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है. सरकार का मानना है कि इससे बिहार की इकोनॉमी मजबूत हो सकेगी और विकास परियोजनाओं के लिए निर्माण सामग्री की उपलब्धता भी आसान होगी.
खनन को लेकर विभाग से NOC जारी
खनन शुरू करने से पहले सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन के आधार पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया है. साथ ही कला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है. ऐसे में खान एवं भूतत्व विभाग खनन पट्टों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
किस जिले में कितने भूखंड हुए चिन्हित?
जानकारी के मुताबिक, खनन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी 44 भूखंडों की ई-नीलामी केंद्र सरकार की एजेंसी एमएसटीसी (MSTC) के ऑनलाइन पोर्टल पर होगी. सबसे अधिक 17 भूखंड नवादा, 10 शेखपुरा, 9 गया, 4 रोहतास, 3 औरंगाबाद और 1 भूखंड बांका जिले में चिन्हित किया गया है.
इस तरह से हो सकेगा फायदा
अब तक बिहार को अपनी जरूरत का अधिकतर पत्थर और गिट्टी झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से मंगवाना पड़ता था. लंबी दूरी की वजह से परिवहन, टोल टैक्स और अन्य शुल्क के कारण इसकी कीमत काफी बढ़ जाती थी. लेकिन अब स्थानीय स्तर पर खनन शुरू होने से निर्माण सामग्री की लागत घटने की संभावना है, जिससे मकान बनाने वाले आम लोगों, ठेकेदारों और सरकारी परियोजनाओं को राहत मिलेगी. साथ ही ठेकेदारी में होने वाली धांधली को भी रोका जा सकता है.
Also Read: खान सर को मिली अग्रिम जमानत, जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड्स को भी सिविल कोर्ट से राहत
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By प्रीति दयाल
प्रीति दयाल, बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद कई मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं.
प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा.
पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.
कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है.
प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










