बिहार के किसानों के लिए लाभदायक साबित होगी फलों की खेती, सरकार दे रही पचास फीसदी अनुदान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Jul 2022 1:55 PM
जल जीवन हरियाली योजना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार उद्यान विभाग द्वारा किसानों को बागवानी के लिए प्रेरित किया जा रहा है.सघन बागवानी मिशन योजना के तहत आम ,अमरूद, पपीता व केला की खेती करने वाले किसान को अनुदान देने का फैसला किया है.
जल जीवन हरियाली योजना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार उद्यान विभाग द्वारा किसानों को बागवानी के लिए प्रेरित किया जा रहा है.सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि राज्य में जल-जीवन- हरियाली अभियान के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए. बिहार के वह किसान जो फलों की खेती करने के लिए इच्छुक हैं उनके लिए सरकार ने एक अच्छी पहल की है. सघन बागवानी मिशन योजना के तहत आम , अमरूद, पपीता व केला की खेती करने वाले किसान को अनुदान देने का फैसला किया है. इसके लिए विभाग की ओर से एक लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
किसानों के लिए कृषि विभाग ने 24 हेक्टेयर में चार तरह की फलों की खेती का लक्ष्य तय किया है. उन चार फलों के नाम हैं आम, अमरूद, पपीता व केला . इस योजना के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है की इसके जरिए किसान आर्थिक रूप से संपन्न हो सकते हैं. बागवानी मिशन योजना किसानों के लिए काफी लाभदायक एवं उपयोगी साबित होगी. इस योजना के तहत फलदार पौधे लगाने के एवज में लागत राशि का 50 फीसद अनुदान देने का प्रावधान सरकार ने तय किया है.सघन बागवानी मिशन के तहत 5 हेक्टेयर जमिन में आम ,10 हेक्टेयर में अमरूद , 5 हेक्टेयर में केला, एवं 4 हेक्टेयर में पपिता की खेती की जाएगी.
कृषि विभाग ने किसानों को आम अमरूद एवं केला की खेती में लागत राशि का 50 फीसद और पपीता की खेती करने वाले लोगों को लागत राशि का 90 फीसद अनुदान देने का निर्णय लिया है. एक हेक्टेयर के लिए 400 आम के पौधे 70 रुपए की दर से दिए जाएंगे. आम का पौधा 535 मीटर पर लगाया जाएगा.फलों की खेती के लिए चुने गए किसानों को उद्यान विभाग द्वारा निशुल्क आम का पौधा देने का निर्णय लिया गया है. कुल पौधे की कीमत 28,000 होगी. जिसे अनुदान की राशि से काट लिया जाएगा. शेष 2000 राशि किसानों के खाते में जाएगी. एक हेक्टेयर जमीन में आम का पौधा लगाने पर किसानों को 50 हजार रुपये अनुदान की राशि मिलेगी.
किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसका भी ख्याल रखा जाएगा. इसीलिए अनुदान का 20 प्रतिशत यानि की 10 हजार एक वर्ष बाद और फिर दो वर्ष बाद फिर 10 हजार कम से कम 80 प्रतिशत आम के पौधे के सुरक्षित रहने पर किसानों को भुगतान किया जाएगा. अन्य फलों की खेती पर भी यही व्यवस्था है. एक हेक्टेयर जमीन में अमरूद के 1,111 पौधे को लगाया जाना है . अमरूद के प्रति पौधे की 40 रुपये तय है. एक हेक्टेयर में 3086 केला और पपिता लगाया जाएगा . पपिता के प्रति पौधे की कीमत 20 रुपये तय है. जो किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं. उनके लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई है.
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