385 कुख्यात अपराधी, करोड़ों की संपत्ति और EOU का एक्शन प्लान, बिहार में अब तेज होगी कुर्की जब्ती

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EOU की टीम (सांकेतिक तस्वीर)

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Bihar EOU Action: बिहार में अपराध से अर्जित कथित संपत्ति पर अब EOU की कार्रवाई तेज होगी. राज्यभर के 385 कुख्यातों की संपत्ति जब्ती से जुड़े मामलों की फाइलें खंगाली जा रही हैं. EOU कानूनी खामियां दूर कर अदालतों में जब्ती की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी में है.

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Bihar EOU Action: बिहार में हत्या, रंगदारी, लूट और शराब के अवैध कारोबार से कथित तौर पर बनाई गई करोड़ों की संपत्ति अब जांच एजेंसियों के रडार पर है. पुलिस स्तर पर कुर्की जब्ती की कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मोर्चा संभाल लिया है. राज्यभर के करीब 385 कुख्यात अपराधियों से जुड़े संपत्ति जब्ती के मामलों को खंगाला जाएगा.

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केस फाइलों और गवाहों की मांगी जानकारी

EOU ने इस सिलसिले में अभियोजन अधिकारियों से लंबित मामलों की मौजूदा स्थिति, केस फाइलों और गवाहों की जानकारी मांगी है. इस पहल को लेकर एजेंसी की कोशिश है कि जिन मामलों में कानूनी या तकनीकी खामियों के कारण कार्रवाई अटकी है, उन्हें दूर कर अदालत में प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाए.

मुजफ्फरपुर में 11 अपराधियों के खिलाफ एक्शन

जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर में चुन्नू ठाकुर, प्रताप राणा और शराब माफिया बबुआ डॉन समेत 11 आरोपितों की करीब 85 करोड़ रुपये की कथित अवैध संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है. पुलिस की ओर से अदालत में रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है.

इतना ही नहीं, जमीन और गाड़ियों से संबंधित जानकारी निबंधन कार्यालय और DTO समेत संबंधित विभागों से जुटाई गई है. जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि कुछ आरोपितों ने कथित तौर पर संपत्ति अपने नाम के बजाय पत्नी या करीबी रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी.

अब अदालत में तेजी की तैयारी

EOU की योजना अभियोजन पक्ष के गवाहों को अदालत में पेश कर जब्ती से जुड़े मामलों की सुनवाई को गति देने की है. खबर के मुताबिक, BNSS की धारा 107 के तहत चल रही प्रक्रिया में कानूनी कमियों को दूर करने पर भी जोर रहेगा. यानी अब सिर्फ अपराध के मामलों पर नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित बताई जा रही संपत्ति के स्रोत और उसके स्वामित्व पर भी एजेंसियों की नजर रहेगी. साथ ही यह भी लाभ मिल सकेगा कि किसी मामले में अगर स्थानीय पुलिस से हुई चूक के कारण अपराधियों को राहत मिली जाती है, तो उस मामले की तकनीकी जांच की जाएगी और जहां चूक हुई उसे सुधारा जाएगा.

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