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बिहार चुनाव : शराबबंदी के नाम पर चलायी जा रही है 10 हजार करोड़ की समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था : तेजस्वी

Updated at : 23 Oct 2020 6:59 AM (IST)
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बिहार चुनाव : शराबबंदी के नाम पर चलायी जा रही है 10 हजार करोड़ की समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था : तेजस्वी

बिहार चुनाव : लचर नीतियों के कारण हर साल 80 हजार करोड़ रुपये सरेंडर कर दिये जाते हैं.

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पटना : राजद नेता तेजस्वी यादव ने बताया कि बिहार का वित्तीय बजट 2 लाख 11 हजार 761 करोड़ का है. लेकिन, इसकी 40% राशि एनडीए सरकार अपनी ढुलमुल, गैर जवाबदेह और लचर नीतियों के कारण खर्च ही नहीं कर पाती है. अंत में हर साल 80 हजार करोड़ रुपये सरेंडर कर दिये जाते हैं.

आखिर कोई कार्यकुशल सरकार लगभग 40% फंड सरेंडर क्यों करेगी? उन्होंने यह बात गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही. उन्होंने दावा किया कि इस राशि का उपयोग विकास कार्यों और नयी नियुक्तियों के लिए वेतन के रूप में कर सकते हैं. हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता से एक-एक पैसा सही कार्य में लगायेगी.

तेजस्वी ने राज्य की एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि 24,500 करोड़ जल-जीवन- हरियाली अभियान के नाम पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्टी फंड में हस्तांतरित कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी के नाम पर 10 हजार करोड़ की समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था चलायी जा रही है.

इसी तरह मानव श्ृंखला पर हजारों करोड़ रुपये लुटा चुके हैं. तेजस्वी ने कहा कि प्रदेश में पिछले 15 सालों में 60 से अधिक घोटाले हुए हैं. उनमें 30 हजार करोड़ रुपये भ्रष्टाचार में फंसे हैं. इस पैसों को वसूलेंगे. उन्होंने कहा कि मेरे नौकरी देने की घोषणा पर सवाल उठाने वालों से मैं पूछना चाहता हूं कि क्या सरकारी पदों को न भरा जाये?

अस्पताल, स्कूल आदि क्षेत्रों में खाली पदों को न भरा जाये? उन्होंने चुनाव सभाओं के जरिये कोरोना का संक्रमण बढ़ने की आशंका से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि चुनाव निर्वाचन आयोग करा रहा है.

लिहाजा हमारी मजबूरी चुनाव लड़ना है. हम लड़ेंगे. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि निर्वाचन आयोग को चुनाव से पहले ही हमारी पार्टी ने सुझाव दिया था कि सबसे पहले कोरोना संक्रमण की आशंकाओं को क्लियर कर लिया जाये, तभी चुनाव कराया जाये. जरूरी परिस्थितियां हों तभी चुनाव कराएं. अन्यथा चुनाव टाल दें.

उन्होंने राज्य सरकार की उस अधिसूचना को रद्द करने की बात कही है, जिसमें प्रावधान किया गया था कि 50 साल से अधिक उम्र वाले विशेष तरह के सरकारी कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी जायेगी.

Posted by Ashish Jha

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