Bihar: मखाना के बाद अब मरचा चूड़ा को मिलेगा जीआई टैग, चंपारण के लोगों को मिलेगा ये फायदा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Dec 2022 6:51 PM

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Bihar में मखाना के बाद अब मरचा चूड़ा को भी जीआई टैग मिलेगा. इसके लिए बेतिया जिला प्रशासन के द्वारा सरकार के आदेश पर बड़ी पहल की गयी है. टीम ने कोलकाता के ट्रेड मार्क ऑफिस में फाइनल प्रजेंटेशन दे दिया है.

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Bihar में मखाना के बाद अब मरचा चूड़ा को भी जीआई टैग मिलेगा. पश्चिमी चम्पारण जिले के मरचा धान/चूड़ा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जीआइ टैग के लिए जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. जीआइ टैग मिलना एक जटिल प्रक्रिया है. बावजूद इसके जिलाधिकारी कुंदन कुमार के दिशा-निर्देश के आलोक में अधिकारियों की एक पूरी टीम मरचा चूड़ा को जीआइ टैग दिलाने के लिए करीब डेढ़ साल से कार्य कर रही है. यह प्रयास अब अंतिम चरण में है, शीघ्र ही जिले के मरचा चूड़ा को जीआइ टैग मिलने की प्रबल संभावना है.

जिला प्रशासन की टीम द्वारा जीआइ, रजिस्ट्री, चेन्नई के विशेषज्ञों के समक्ष आज ट्रेड मार्क ऑफिस, कोलकाता में मरचा धान/चूड़ा से संबंधित प्रजेंटेशन दिया गया. इस दौरान जीआइ रजिस्ट्री, चेन्नई के विशेषज्ञों द्वारा अत्यंत सूक्ष्मता से सभी बिन्दुओं का मूल्यांकन किया गया. प्रजेंटेशन एवं मूल्यांकन के फलस्वरूप पश्चिम चम्पारण जिले के विश्वविख्यात मरचा धान/चूड़ा को जीआइ टैग मिलने की प्रबल संभावना है.

इसके लिए जीआई रजिस्ट्री, चेन्नई के विशेषज्ञों द्वारा जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया है. प्रजेंटेशन संबंधी बैठक में वरीय उप समाहर्ता डॉ. राज कुमार सिन्हा, निदेशक अनुसंधान, डॉ. पीएस ब्रह्मानंद, वरीय प्लांट ब्रीडर, डॉ एनके सिंह, सहायक निदेशक उद्यान विवेक भारती एवं कृषक लक्ष्मी कुशवाहा, आनंद सिंह ने भाग लिया. इस कार्य में डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विद्यालय, पूसा के निदेशक अनुसंधान डॉ पीएस ब्रम्हानंद, वैज्ञानिक डॉ एनके सिंह एवं वरीय उप समाहर्ता डॉ राज कुमार सिन्हा, सहायक निदेशक, उद्यान विवेक भारती सहित कृषक प्रतिनिधियों ने सराहनीय भूमिका निभायी.

डीएम ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त की और लगभग डेढ़ साल से लगातार अथक परिश्रम कर रही पूरी टीम की सराहना की. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की पूरी टीम, कृषकगण, एसडीसी, राज कुमार सिन्हा, डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विद्यालय, पूसा के डॉ ब्रह्मानंद सहित उनकी पूरी टीम ने अत्यंत ही सराहनीय कार्य किया है, जो अब फलीभूत होने वाला है. उन्होंने कहा कि मरचा धान का डीएनए फिंगर प्रिंटिंग, बायोकेमिकल एनालिसिस आदि कार्यों के सफल निष्पादन में इनकी सराहनीय भूमिका रही है.

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