एनएसएस खाता की राशि को कारपस फंड में मिलाया

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टीएमबीयू के कुछ अंगीभूत कॉलेजों ने एनएसएस खाता की राशि को कारपस फंड में मिला दिया है.

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टीएमबीयू के कुछ अंगीभूत कॉलेजों ने एनएसएस खाता की राशि को कारपस फंड में मिला दिया है. मामला प्रकाश में आने के बाद विवि प्रशासन एक्शन के मूड में है. बताया जा रहा है कि विवि के बिना किसी निर्देश के फंड को मिला दिया गया है. इस बाबत कुलपति प्रो जवाहर लाल के आदेश पर बुधवार को रजिस्ट्रार डॉ विकास चंद्र ने अधिसूचना जारी की है. जारी पत्र में कहा गया कि कारपस फंड से एनएसएस का खाता अलग कराकर संबंधित राशि को उस खाता में जमा कराये. साथ ही कॉलेजों द्वारा एनएसएस मद में लिये जा रहे 50 फीसदी शुल्क को विवि एनएसएस खाता में अविलंब जमा कराने का भी निर्देश दिया गया है. रजिस्ट्रार ने पत्र के माध्यम से कहा कि जो कॉलेजों ने एनएसएस के खाता को कारपस खाता में मिला दिया है. ऐसे में भारत सरकार सहित अन्य एजेंसी से मिलने वाले वित्त का लाभ नहीं मिल पा रहा है. ऐसा ही चलता रहा, तो आगामी फंड का लाभ भी नहीं मिल पायेगा. ऐसे में कारपस खाता से एनएसएस खाता को अविलंब अगल कर दिया जाये. साथ ही एनएसएस की राशि को उसके खाता में जमा करा दिया जाये. इसकी जानकारी विवि को उपलब्ध कराये. विवि की तरफ से इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को भी भेजा जा सके. उधर, कुलपति प्रो जवाहर लाल ने कहा कि सभी कॉलेज निर्धारित तिथि के अंदर एनएसएस खाता में राशि उपलब्ध कराये. ऐसा करने वाले कॉलेजों के प्राचार्यों पर एक्शन लिया जायेगा. ————————- कॉलेजों ने जमा नहीं कराया एनएसएस की राशि – रजिस्ट्रार ने पत्र के माध्यम से कहा कि स्नातक तीन वर्षीय कोर्स 2022 तक नामांकित प्रति विद्यार्थी से अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों ने 20 रुपये एनएसएस के नाम पर लिया था. उस राशि का अबतक हिसाब विवि को नहीं भेजा गया है. जबकि 50 फीसदी विवि का अंशदान है. लेकिन कॉलेजों से विवि को यह राशि अबतक उपलब्ध नहीं कराया गया है. इस बाबत विवि ने दो अक्टूबर तक का समय कॉलेजों को दिया है. साथ ही 2023 से शुरू चार वर्षीय सेमेस्टर सिस्टम में भी प्रति विद्यार्थी से 50 रुपये शुल्क का प्रावधान है. इस राशि का भी 50 फीसदी का हिसाब पांच अक्टूबर तक विवि के एनएसएस खाता में भेजने के लिए कहा गया है.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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