टीबी पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा प्रहार: गोपालपुर में रोजाना 1000 लोगों की स्क्रीनिंग, दर्जनों संदिग्धों की हो रही डिजिटल X-Ray व ट्रूनेट जांच

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गोपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र | Prabhat Khabar Network

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भागलपुर के गोपालपुर प्रखंड में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत एक बड़ा स्वास्थ्य अभियान शुरू किया गया है. घर-घर जाकर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जा रही है ताकि उन्हें तत्काल जांच और मुफ्त इलाज मिल सके. इस अभियान में ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्यकर्मी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

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'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग ने संभावित मरीजों की समय पर पहचान के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है. ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर चल रही स्क्रीनिंग के जरिए संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें त्वरित निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा मिल सके.

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घर-घर स्क्रीनिंग: एएनएम और सीएचओ संभाल रहे कमान

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार ने बताया कि प्रखंड में टीबी संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं:

  • प्रतिदिन 1000 लोगों की स्क्रीनिंग: प्रखंड की सभी एएनएम (ANM) और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में घर-घर जाकर संभावित लक्षणों वाले लोगों की पहचान कर रहे हैं.
  • सीएचसी में त्वरित रेफरल: स्क्रीनिंग के दौरान जिन लोगों में टीबी के प्राथमिक लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गोपालपुर भेजा जा रहा है.

सीएचसी में डिजिटल X-Ray और ट्रूनेट (TrueNat) से हो रही जांच

गोपालपुर सीएचसी में आधुनिक मशीनों से बिना किसी देरी के जांच और जांच रिपोर्ट के आधार पर त्वरित इलाज शुरू किया जा रहा है:

  • डिजिटल एक्स-रे: अस्पताल परिसर में रोजाना 3 दर्जन से अधिक (36+) संदिग्ध मरीजों की छाती का डिजिटल X-Ray किया जा रहा है.
  • ट्रूनेट मशीन से बलगम जांच: दर्जनों संदिग्ध मरीजों के बलगम (Sputum) की जांच 'ट्रूनेट मशीन' से की जा रही है, जिससे बेहद सटीक रिपोर्ट बहुत कम समय में मिल जाती है.

ये लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच: डॉ. सुधांशु कुमार

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने आम लोगों से अपील करते हुए टीबी के मुख्य लक्षणों की जानकारी दी:

  • प्रमुख लक्षण:
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का संदेश: "टीबी से घबराने या इसे छुपाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. सीएचसी गोपालपुर में जांच और संपूर्ण दवाइयां पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध हैं. इसके अतिरिक्त, इलाज के दौरान मरीजों को बेहतर पोषण के लिए 'निक्षय पोषण योजना' के तहत ₹1,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता भी सीधे खाते में दी जा रही है."


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