भागलपुर की हर घर जल योजना पर नया संकट, रैयतों के विवाद में फंसा 7.56 करोड़ का मुआवजा और निर्माण कार्य
भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन जलापूर्ति प्लांट
भागलपुर की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल योजना' एक बार फिर नए विवाद में फंस गई है. लाखों लोगों को शुद्ध पेयजल पहुंचाने की इस परियोजना के लिए सरकार ने भारी आवंटन जारी किया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद काम को रोक रहा है.
Bhagalpur News: भागलपुर शहर के लाखों लोगों को गंगा का शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने वाली हर घर जल योजना एक बार फिर नई अड़चन में फंस गई है. लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना के लिए सरकार ने मध्य जून में 7 करोड़ 56 लाख 24 हजार 523 रुपये का आवंटन जारी कर दिया था और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी. इसके बावजूद परियोजना का सबसे अहम हिस्सा अब तक शुरू नहीं हो सका.
इस बार देरी की वजह रैयतों के बीच मुआवजे और जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहा आपसी विवाद बन गया है. प्रशासन का कहना है कि जब तक विवादित जमीन का मामला नहीं सुलझेगा, तब तक संबंधित निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सकेगा.
पैसा मिला, लेकिन काम फिर भी रुका
आमतौर पर सरकारी परियोजनाओं में फंड की कमी सबसे बड़ी समस्या होती है, लेकिन इस मामले में स्थिति अलग है.
भू-अर्जन विभाग के अनुसार परियोजना के लिए आवश्यक राशि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है. कई पात्र रैयतों को मुआवजा भी दिया जा चुका है, लेकिन जिन भूखंडों पर स्वामित्व को लेकर विवाद है, वहां भुगतान की प्रक्रिया रुक गई है.
यही कारण है कि पूरी परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही है.
दस्तावेजों की कमी और स्वामित्व विवाद बना कारण
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि कई मामलों में जमीन के स्वामित्व और दस्तावेजों को लेकर विवाद है.
कुछ रैयतों के पास रजिस्ट्री है लेकिन एग्रीमेंट नहीं है, जबकि कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेज अधूरे हैं.
उन्होंने बताया कि जिन लोगों के पास भूमि दखल कब्जा प्रमाण पत्र या भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) उपलब्ध था, उन्हें मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया है.
विवादित रैयतों को नहीं मिल पा रहा मुआवजा
जिन भूखंडों को लेकर दो या अधिक पक्षों के बीच दावा-प्रतिदावा चल रहा है, वहां मुआवजा भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है.
भू-अर्जन विभाग का कहना है कि संबंधित विवाद सुलझने के बाद ही भुगतान किया जा सकेगा.
इस प्रशासनिक बाधा का सीधा असर परियोजना के निर्माण कार्य पर पड़ रहा है.
अप्रोच चैनल के बिना अधूरी रहेगी योजना
हर घर जल योजना के तहत गंगा का पानी इंटकवेल (Intake Well) तक पहुंचाने के लिए एक अप्रोच चैनल बनाया जाना है.
यह चैनल गंगा किनारे से इंटकवेल तक पानी पहुंचाने का मुख्य माध्यम होगा, जहां से लिफ्ट सिस्टम के जरिए पानी शुद्धिकरण और वितरण व्यवस्था तक पहुंचेगा.
यदि यह चैनल नहीं बनता, तो पूरी जलापूर्ति प्रणाली अधूरी रह जाएगी.
एक वर्ष से चल रही है अधिग्रहण प्रक्रिया
जिस जमीन पर अप्रोच चैनल का निर्माण होना है, उसमें निजी रैयतों की भूमि भी शामिल है.
इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया करीब एक वर्ष से चल रही थी. अब जबकि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, मुआवजा वितरण में उत्पन्न विवाद ने पूरे प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी कर दी है.
Bhagalpur News: शहरवासियों को करना पड़ सकता है और इंतजार
अधिकारियों के अनुसार जब तक सभी पात्र रैयतों को मुआवजा नहीं मिल जाता और जमीन का हस्तांतरण पूरी तरह निष्पादित नहीं हो जाता, तब तक अप्रोच चैनल का निर्माण संभव नहीं है.
इसका अर्थ है कि भागलपुर शहर के लोगों को हर घर गंगा जल योजना का लाभ मिलने में अभी और समय लग सकता है.
जिस परियोजना से शहर में शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था की उम्मीद की जा रही थी, वह अब प्रशासनिक और कानूनी जटिलताओं के कारण फिर से देरी का सामना कर रही है.
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लेखक के बारे में
By ब्रजेश नंदन माधुर्य
ब्रजेश नंदन माधुर्य प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. स्वच्छता व ई-कॉमर्स में रुचि रखते हैं.
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