बाढ़ ने उजाड़ दिया परिवार, एक साथ जली चार चिताएं तो रो पड़ा खुटाहा

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खुटाहा में एक साथ उठीं पांच अर्थियां, चार शवों को बहन ने दी मुखाग्नि

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खुटाहा गांव में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें एक परिवार के चार सदस्यों सहित पांच लोगों की जान चली गई. गुरुवार को पांच अर्थियां एक साथ उठने से पूरा गांव गम में डूब गया. मुखिया ने तत्काल सहायता प्रदान की है.

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Khutaha flood death: खुटाहा गांव में गुरुवार को बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत के बाद शुक्रवार को गांव में मातम पसरा रहा. सुबह जब एक साथ पांच अर्थियां उठीं, तो गांव की गलियों में चीख-पुकार गूंज उठी. एक ही गांव से एक साथ पांच शवों की अंतिम यात्रा निकलते देख हर आंख नम हो गयी. परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा माहौल गमगीन हो गया.

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पांचों मृतकों का अंतिम संस्कार बरारी स्थित श्मशान घाट पर किया गया. इनमें मुकेश साव के परिवार के चार सदस्य शामिल थे. मुकेश साव की पत्नी मंचो देवी, पुत्री सोनाक्षी कुमारी, पुत्र अभिषेक कुमार और अक्षय कुमार की चिता एक साथ सजी. परिवार के लिए यह ऐसा दुखद क्षण था, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल था.

चार अपनों को बहन ने दी मुखाग्नि

मुकेश साव के परिवार में इस हादसे में चार लोगों की मौत के बाद उनकी बेटी सोनाली कुमारी ही जीवित बची. अंतिम संस्कार के दौरान सोनाली ने अपनी मां, बहन और दोनों भाइयों को मुखाग्नि दी. एक ही परिवार के चार सदस्यों की चिता एक साथ जलते देख श्मशान घाट पर मौजूद लोगों की आंखें भर आयीं.

परिजनों और ग्रामीणों के लिए यह दृश्य बेहद पीड़ादायक था. बाढ़ ने एक ही झटके में परिवार के चार सदस्यों को छीन लिया. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित मौजूद रहे.

तीन बहनों में सबसे बड़ी थी अंशु प्रिया

हादसे में जान गंवाने वाली अंशु प्रिया का अंतिम संस्कार भी बरारी श्मशान घाट पर किया गया. परिजनों के अनुसार अंशु प्रिया तीन बहनों में सबसे बड़ी थी और उसका कोई भाई नहीं था. ऐसे में उसकी छोटी बहन ने ही आगे बढ़कर उसे मुखाग्नि दी.

एक साथ पांच शवों का अंतिम संस्कार होते देख श्मशान घाट का माहौल भी बेहद भावुक हो गया. ग्रामीणों के बीच हादसे को लेकर गहरा दुख और सदमा दिखा.

Khutaha flood death: मुखिया ने निजी कोष से दी 15 हजार की मदद

पांचों मृतकों के अंतिम संस्कार का खर्च पंचायत के मुखिया देवेंद्र कुमार ने वहन किया. मुखिया ने बताया कि मृतक परिवार का नाम बीपीएल सूची में शामिल नहीं होने के कारण कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध नहीं हो सकी.

ऐसी स्थिति में पीड़ित परिवारों को तत्काल मदद देने के लिए उन्होंने अपने निजी कोष से कुल 15 हजार रुपये की सहायता राशि दी. हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवारों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं.

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