1000 किस्म के आमों की खुशबू से महका बीएयू परिसर, राष्ट्रीय आम समागम का आगाज
एक ही परिसर में जब एक हजार से अधिक आम की किस्में सजीं तो खुशबू, रंग और स्वाद का अनोखा संगम देखने को मिला. जापान के मियाजाकी से लेकर काजू आम और भागलपुर के जर्दालू तक ने आम प्रेमियों को आकर्षित किया.
सबौर (भागलपुर) से बलराम यादव
Bhagalpur News : बीएयू परिसर आज से देश भर 1000 किस्मों के आम की खुशबू गमक और चमक रहा है. बीएयू में आज से दो दिवसीय राष्ट्रीय आम समागम 2026 महोत्सव शुरू हुआ है. मंत्री, सांसद, विधायक की उपस्थिति में महोत्सव का शुभारंभ हुआ. किसान व विशेषज्ञों के साथ आम लोगों ने भी प्रदर्शनी को देखा.कर्पूरी सभागार में कुलपति डॉ डी आर सिंह ने बतौर मुख्यअतिथि पहुंचे मंत्री श्रवण कुमार का स्वागत किया. सांसद अजय मंडल, विधायक रोहित पांडेय. आईसीएआर के सहायक निदेशक उद्यानिकी डॉ विश्व बंधु पटेल तथा एआईसीआरपी बेंगलुरु के कार्यक्रम समन्वयक डॉ प्रकाश पाटिल सहित कई गणमान्य ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया.
इस अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बीएयू के कार्यों से बिहार कृषि के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा. सांसद अजय मंडल ने कहा कि भागलपुर पहले सिल्क सिटी के नाम से प्रसिद्ध था लेकिन अब जर्दालू आम सिटी के रूप में भी पहचान बना रहा है. भागलपुर विधायक रोहित पांडे ने कहा कि भागलपुर के लिए यह गर्व का विषय है कि यहां राष्ट्रीय आम समागम का आयोजन हो रहा है. आईसीएआर के सहायक निदेशक डां विश्वबंधु पटेल ने कहा कि इस आम समागम मे देश भर के किसानों द्वारा लगाई गई आमों की प्रदर्शनी अद्भुत और बेमिसाल है. कुलपति डॉ डी आर सिंह ने बताया कि सबौर की धरती आम अनुसंधान एवं विकास के लिए ऐतिहासिक रही है. विश्व की पहली शंकर हाइब्रिड आम के किस्म वर्ष 1951 में पहली बार सबौर से विकसित हुई थी. विश्वविद्यालय के प्रयासों से जरदालु आम को जीआई टैग प्राप्त हुआ. उन्होंने कहा कि आज बिहार आम उत्पादन मे सातवें स्थान से चलांग लगाकर तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है तथा आने वाले समय मे बिहार जीआई उत्पादों का प्रमुख केंद्र बनेगा.

काजू आम व मियाजाकी देखने को उमड़े लोग
जापान का विश्व प्रसिद्ध एवं अत्यंत महंगा आम मियाजाकी आम. सेब जैसे स्वाद एवं आकार वाला एप्पल मैंगो, लगभग ढाई किलोग्राम वजन का गदाधार आम, लगभग डेढ़ किलोग्राम वजन का क्यूजम मैंगो आम,काजू के आकार जैसा छोटा काजू आम, थाईलैंड की आकर्षक किस्म रेड इनोवरी को लोगों ने चाव से देखा. इसके अतिरिक्त देसी किस्म में केसर,स्वर्णरेखा, फ़ाज़ली, मालदाह, अंबिका,अरुणिमा, वनराज,कृष्णभोग,हेमसागर, नीलम,लालिमा एवं गुलाब खास सहित हजारो किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई है. लेकिन इन सभी किस्म में मौजूद आमों मे जर्दालू आम जैसा कोई नही. बाहर से आए आम प्रेमियों का कहना है कि अनेक दुर्लभ एवं सुगंधित किस्म को देखकर वह आश्चर्य चकित हैं लेकिन भागलपुर का जर्दालू आम अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के कारण सभी में सबसे अलग और विशेष है.
सुपौल का राजेंद्र यादव व अनीता दासी सम्मानित
देश के 8 राज्यों से आए आम उत्पादकों में से चार श्रेष्ठ आम उत्पादकों को सम्मानित किया गया. सुपौल बिहार के राजेंद्र कुमार यादव, झारखंड के अनीता दासी, पश्चिम बंगाल से विमान मंडल उड़ीसा से सत्यनारायण चुंदरू एवं उत्कृष्ट प्रदर्शनी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र सबौर डां अनिता कुमारी को पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
आज राज्यपाल व कृषि मंत्री पहुचेंगे
राष्ट्रीय आम समागम के दूसरे दिन बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन एवं बिहार सरकार कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा कार्यक्रम में शामिल होंगे तथा प्रदर्शनी मे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगे.
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