दोबारा सहकारिता विभाग से 21 सालों के बैंक के निवेश व अंकेक्षण के मांगे कागजात

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सृजन घोटाला को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी ने मुख्यालय को दिया रिमांइडर बैंकिंग निवेश का होगा अध्ययन, आगे की तय होगी रणनीति भागलपुर :को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक मो जैनुल आब्दीन अंसारी ने दी कि भागलपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक अपने 21 सालों के बैंकिंग निवेश और समय-समय पर हुए विशेष अंकेक्षण को ले रिमांइडर भेजा है. […]

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सृजन घोटाला

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को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी ने मुख्यालय को दिया रिमांइडर
बैंकिंग निवेश का होगा अध्ययन, आगे की तय होगी रणनीति
भागलपुर :को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक मो जैनुल आब्दीन अंसारी ने दी कि भागलपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक अपने 21 सालों के बैंकिंग निवेश और समय-समय पर हुए विशेष अंकेक्षण को ले रिमांइडर भेजा है. अभी तक सहकारिता विभाग ने कागजात नहीं भेजा है.
कागजात नहीं मिलने के कारण अभी तक बैंकिंग प्रशासन को यह पता नहीं है कि को-ऑपरेटिव बैंक ने पूंजी का कहां-कहां और किस तरह का निवेश किया.प्रबंध निदेशक ने बताया कि सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में बैंक ऑफ बड़ौदा व इंडियन बैंक में स्वीप खाता खुलवाकर उसमें नकद जमा किया था.
अधिक ब्याज के चक्कर में खाता में जमा पैसे को सृजन महिला विकास समिति के खाते में ट्रांसफर कर दिया. अभी को-ऑपरेटिव बैंक को सूद सहित 115 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. को-ऑपरेटिव बैंक के सहकारिता विभाग को भेजे पत्र में विशेष अंकेक्षण व वर्ष 1996 से 2017 तक जहां भी निवेश हुआ है, उसके ऑडिट रिपोर्ट से पता लगाने की कोशिश होगी.
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