शव वाहन के लॉगबुक की होगी जांच

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भागलपुर : जेएलएमएनसीएच व सदर अस्पताल से मेडिकल कॉलेज (नौलखा कोठी) स्थित पोस्टमार्टम तक सरकार ने शव वाहन की सुविधा दी है. मायागंज अस्पताल में दो व सदर अस्पताल में एक शव वाहन है. मगर इस व्यवस्था के बाद भी परिजन द्वारा खुद शव को ढोया जाता है. इस तरह की शिकायत को प्रमंडलीय आयुक्त […]

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भागलपुर : जेएलएमएनसीएच व सदर अस्पताल से मेडिकल कॉलेज (नौलखा कोठी) स्थित पोस्टमार्टम तक सरकार ने शव वाहन की सुविधा दी है. मायागंज अस्पताल में दो व सदर अस्पताल में एक शव वाहन है. मगर इस व्यवस्था के बाद भी परिजन द्वारा खुद शव को ढोया जाता है.
इस तरह की शिकायत को प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने गंभीरता से लिया है. प्रभात खबर में छपी खबर पर बातचीत में उन्होंने कहा कि शव वाहन की सुविधा अस्पताल से पोस्टमार्टम तक पहुंचाने के लिए होनी चाहिए, ऐसा नहीं कर रहे हैं तो गलत है. उन्होंने कहा कि
शव वाहन के लॉग बुक की जांच करायी जायेगी.
इस जांच में प्रत्येक माह होनेवाले पोस्टमार्टम से मिलाया जायेगा. देखा जायेगा कि मायागंज अस्पताल में कितनी मौत हुई और उसे पोस्टमार्टम के लिए रेफर किया गया. इस अनुपात में शव वाहन ने प्रत्येक माह पोस्टमार्टम हाउस कितने शव को पहुंचाया गया. इससे यह स्पष्ट हो जायेगा कि शव वाहन का परिचालन सही ढंग से हो रहा है या नहीं. एक आंकड़े के मुताबिक, मायागंज अस्पताल में रोज औसतन तीन की मौत होती है. सदर अस्पतालका शव वाहन डीएसएस के अंतर्गत चलता है, जबकि मायागंज का शव वाहन का संचालन सरकारी एजेंसी करती है.
कांवरिया पथ पर बालू हट जाये तो दोबारा बिछाये: कमिश्नर ने कहा कि कांवरिया पथ पर लगातार मॉनीटरिंग हो रही है. अगर किसी कारण से बालू हट जाता है तो दोबारा बालू बिछाया जाये. उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारियों की मेला ड्यूटी से गायब रहने के मामले को कोताही से ले रहे हैं. प्रमंडल स्तर पर दो पाली में दंडाधिकारी की तैनाती की जांच की जायेगी.
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