गुड न्यूज: बगहा अस्पताल में डायलिसिस शुरू, किडनी मरीजों के लिए बड़ी राहत

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अस्पताल में डायलिसिस कराता मरीज | Prabhat Khabar Network

बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में डायलिसिस यूनिट शुरू होने के बाद किडनी मरीजों को बड़ी राहत मिली है. 21 दिनों में 80 मरीजों का डायलिसिस हुआ. पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत और राशन कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज मिल रहा है.

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बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में शुरू हुई डायलिसिस यूनिट किडनी के मरीजों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आ रही है. 12 अगस्त से संचालित इस केंद्र में महज 21 दिनों के भीतर 80 मरीजों का सफल डायलिसिस किया जा चुका है. पहले डायलिसिस के लिए गोरखपुर, बेतिया या दूसरे शहरों का चक्कर लगाने वाले मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही इलाज की सुविधा मिल रही है. इससे मरीजों के समय और इलाज पर होने वाले खर्च दोनों में कमी आई है.

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21 दिनों में 80 मरीजों का हुआ डायलिसिस

डायलिसिस यूनिट के डॉ आशीष कुमार ने बताया कि केंद्र में मरीजों की संख्या को देखते हुए जल्द तीसरा फेज शुरू किया जाएगा. इसके बाद करीब 250 से 270 मरीजों का डायलिसिस किए जाने की योजना है.

स्थानीय स्तर पर यह सुविधा शुरू होने से आसपास के किडनी मरीजों को बार-बार दूसरे शहर जाने की मजबूरी कम हुई है. नियमित डायलिसिस कराने वाले मरीजों के लिए यह सुविधा खास तौर पर उपयोगी साबित हो रही है.

गोरखपुर जाने में खर्च होते थे हजारों रुपये

नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कई मरीजों ने बताया कि पहले उन्हें हर सप्ताह डायलिसिस कराने के लिए गोरखपुर जाना पड़ता था. आने-जाने के खर्च के अलावा दवा और जांच में भी हजारों रुपये खर्च हो जाते थे.

अब पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत योजना और पात्र राशन कार्ड के माध्यम से अस्पताल में नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल रही है. मरीजों ने स्थानीय केंद्र की व्यवस्था को निजी डायलिसिस केंद्रों की तुलना में बेहतर बताया.

पात्र मरीजों का मुफ्त में होता है डायलिसिस

डायलिसिस सेंटर के कर्मियों के अनुसार, केंद्र का संचालन नेफ्रो प्लस संस्था की ओर से किया जा रहा है. सरकार की ओर से तय मानकों के अनुसार पात्र मरीजों का नि:शुल्क डायलिसिस किया जाता है. वहीं, पात्रता के दायरे में नहीं आने वाले मरीजों से निर्धारित शुल्क लिया जाता है.

कर्मियों ने बताया कि किसी मरीज को कितनी बार डायलिसिस की जरूरत होगी, इसका फैसला संबंधित चिकित्सक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर करते हैं. इसलिए डायलिसिस की संख्या मरीज की बीमारी और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करती है.

10 बेड तक विस्तार की योजना

केंद्र पर मरीजों की बढ़ती मांग को देखते हुए भविष्य में डायलिसिस यूनिट का विस्तार करने की योजना है. इसे बढ़ाकर 10 बेड तक करने की तैयारी की जा रही है.

डायलिसिस की स्थानीय सुविधा उपलब्ध होने से बगहा और आसपास के क्षेत्रों के किडनी मरीजों को नियमित उपचार के लिए दूर के शहरों पर निर्भरता कम होगी. खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए आयुष्मान भारत और पात्र राशन कार्ड के जरिए मिलने वाली मुफ्त सुविधा काफी अहम मानी जा रही है.

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