IPS प्रसन्न कुमार: इंजीनियरिंग के बाद सिविल सेवा की राह, 608वीं रैंक पर बने आईपीएस, अब नरकटियागंज में होगी असली परीक्षा
आई पी एस प्रसन्न कुमार | Prabhat Khabar Network
UPSC में 608वीं रैंक हासिल कर IPS बने प्रसन्न कुमार एम.वी. को अब नरकटियागंज की कमान मिली है. तमिलनाडु से बिहार तक का सफर तय करने वाले युवा IPS के सामने अपराध, रिश्वतखोरी और नेपाल सीमा से जुड़ी तस्करी रोकने की बड़ी चुनौती है. जानिए उनकी सफलता की कहानी और नरकटियागंज में उनके सामने क्या-क्या चुनौतियां हैं.
IPS Prasanna Kumar: इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सिविल सेवा की तैयारी, देशभर के अभ्यर्थियों के बीच 608वीं रैंक और फिर भारतीय पुलिस सेवा में चयन. तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले 2024 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रसन्न कुमार एम.वी. अब पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज अनुमंडल में पुलिस की कमान संभालेंगे. मुजफ्फरपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्हें नरकटियागंज का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनाया गया है. ऐसे में युवा अधिकारी के सामने अब परीक्षा कागज पर नहीं, बल्कि अपराध और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर होगी.
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यूपीएससी में हासिल की 608वीं रैंक
प्रसन्न कुमार एम.वी. ने वर्ष 2023 की संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 608वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल की. उन्हें कुल 939 अंक मिले थे, जिसमें मुख्य परीक्षा में 756 और साक्षात्कार में 183 अंक शामिल थे. साक्षात्कार की तैयारी के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत मार्गदर्शन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों और मुख्य परीक्षा की तैयारी को उन्होंने अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया. यही मेहनत उन्हें भारतीय पुलिस सेवा तक ले गयी.
तमिलनाडु से बिहार तक का सफर
प्रसन्न कुमार का गृह राज्य तमिलनाडु है, जबकि सेवा के लिए उन्हें बिहार कैडर मिला. वर्ष 2024 में भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होने के बाद उन्होंने बिहार में प्रशिक्षण और क्षेत्रीय अनुभव हासिल किया. अब नरकटियागंज जैसे महत्वपूर्ण अनुमंडल की जिम्मेदारी उनके कॅरियर का अहम पड़ाव होगी.
भ्रष्टाचार पर अंकुश सबसे बड़ी चुनौती
नरकटियागंज पहुंचते ही उनके सामने पुलिस की कार्यप्रणाली और जनता के भरोसे से जुड़ी चुनौती भी होगी. हाल ही में शिकारपुर थाने के सहायक अवर निरीक्षक उपेंद्र प्रसाद विद्यार्थी को निगरानी विभाग ने चार हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. इस कार्रवाई ने थाना स्तर पर भ्रष्टाचार के सवाल को फिर सामने ला दिया.
अपराध और सीमा तस्करी पर भी नजर
नरकटियागंज अनुमंडल में चोरी, हत्या और अन्य आपराधिक घटनाओं के साथ भारत-नेपाल सीमा से जुड़े अपराध भी पुलिस के लिए चुनौती हैं. जुलाई में नेपाल सीमा के पास पुलिस और सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त कार्रवाई में 75 किलो गांजा बरामद किया गया था. ऐसे में नए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के सामने अपराधियों पर शिकंजा कसने, लंबित मामलों के अनुसंधान में तेजी लाने, थाना स्तर पर जवाबदेही तय करने और सीमा क्षेत्र में तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण की चुनौती होगी. यूपीएससी की मेरिट सूची से पुलिस की जमीनी जिम्मेदारी तक पहुंचे प्रसन्न कुमार के लिए नरकटियागंज में अब असली परीक्षा शुरू होगी.
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