बेतिया: गन्ना खेती में नई क्रांति, 200 से बढ़कर 400 क्विंटल प्रति एकड़ पहुंची पैदावार

लहलहाती फसल को देख खुश हुए किसान, फोटो- प्रभात खबर
पश्चिम चंपारण के थरुहट क्षेत्र में गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी है. आधुनिक और यंत्रीकृत तकनीक अपनाने से गन्ने की पैदावार दोगुनी हो गई है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है. जानें इस क्रांति के बारे में.
Bettiah News: पश्चिम चंपारण के थरुहट क्षेत्र में गन्ना खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है. पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए किसान अब आधुनिक और यंत्रीकृत तकनीक अपना रहे हैं, जिसका सीधा असर उत्पादन पर दिखाई दे रहा है. जिन खेतों में पहले प्रति एकड़ 150 से 200 क्विंटल गन्ने की उपज होती थी, वहीं अब कई किसान 400 क्विंटल प्रति एकड़ से अधिक उत्पादन हासिल कर रहे हैं. इससे किसानों में उत्साह बढ़ा है और बेहतर आमदनी की उम्मीद भी जगी है.
आधुनिक तकनीक से बढ़ी पैदावार
नरकटियागंज चीनी मिल के कार्यपालक अध्यक्ष रविंद्र तिवारी और कार्यपालक उपाध्यक्ष राजीव त्यागी के मार्गदर्शन में किसानों को वैज्ञानिक और मशीनीकरण आधारित खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है. खेतों में नई तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ने के साथ लागत कम करने की दिशा में भी काम हो रहा है. इसका असर अब थरुहट क्षेत्र के कई गांवों में साफ दिखाई देने लगा है.
प्रदर्शन खेत बन रहे आकर्षण का केंद्र
पडरौन गांव के किसान अजीत यादव के खेत में तैयार की गई पूरी तरह यंत्रीकृत गन्ने की फसल किसानों और कृषि विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. क्षेत्र के कई खेतों में 12 से 15 फीट लंबे गन्ने और एक-एक गन्ने का वजन एक से डेढ़ किलोग्राम तक देखने को मिल रहा है. जगह-जगह लगाए गए प्रदर्शन बोर्ड भी किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
किसानों ने साझा किए अनुभव
किसान किसुन यादव, अशोक यादव, नविराजा शेख, कन्हैया यादव, अब्दुल्लाह अंसारी और भूअर यादव ने बताया कि जब कृषि विशेषज्ञ और चीनी मिल के अधिकारी सीधे खेतों तक पहुंचकर मार्गदर्शन देते हैं, तो खेती के बेहतर परिणाम मिलते हैं. उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक अपनाने से उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो रही है.
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
कार्यपालक अध्यक्ष रविंद्र तिवारी ने कहा कि चीनी मिल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और गन्ना उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाना है. इसके लिए गांव-गांव तक मशीनीकरण, वैज्ञानिक खेती और नई कृषि तकनीकों को पहुंचाया जा रहा है. वहीं कार्यपालक उपाध्यक्ष राजीव त्यागी ने किसानों से अधिक से अधिक क्षेत्र में यंत्रीकृत खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक ही भविष्य की समृद्ध खेती का आधार बनेगी.
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लेखक के बारे में
By सतीश कुमार पांडेय
सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.
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