जंगली जानवरों से गन्ने की फसल बचाने के लिए किसानों को मिलेगा नीम ऑयल बायो इनसेक्टिसाइड

कार्यपालक अध्यक्ष व अन्य
पश्चिम चंपारण के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है. नरकटियागंज चीनी मिल जंगली जानवरों से गन्ने की फसल को बचाने के लिए नीम ऑयल बायो इनसेक्टिसाइड का वितरण कर रही है. यह उत्पाद 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा और पर्यावरण के लिए सुरक्षित है.
West Champaran News: पश्चिम चंपारण के जंगल से सटे गांवों के गन्ना किसानों के लिए राहत की खबर है. नरकटियागंज चीनी मिल ने बंदर, भालू और अन्य जंगली जानवरों से गन्ने की फसल की सुरक्षा के लिए किसानों के बीच "एकसूत्र बायो इनसेक्टिसाइड (नीम ऑयल)" का वितरण शुरू किया है.
मिल प्रबंधन का कहना है कि यह जैव उत्पाद फसल की सुरक्षा करेगा और वन्यजीवों तथा पर्यावरण पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा.
प्रशिक्षण शिविर में दी गई जानकारी
यह जानकारी नरकटियागंज चीनी मिल के कार्यपालक अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तिवारी ने गौनाहा प्रखंड के टहकौल गांव में आयोजित बरसाती मौसम में गन्ना बंधाई एवं लत्ती उन्मूलन विषयक प्रशिक्षण शिविर के दौरान दी.
उन्होंने बताया कि जंगल से सटे क्षेत्रों के किसानों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि बंदर और भालू गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसी समस्या के समाधान के लिए नीम आधारित जैव उत्पाद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया.
60 दिनों तक रहेगा असर
रविन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि इस बायो इनसेक्टिसाइड का प्रभाव करीब 60 दिनों तक रहता है.
उन्होंने कहा कि इसके छिड़काव से जंगली जानवर गन्ने की फसल से दूरी बनाए रखते हैं, जबकि यह उत्पाद पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित है.
गन्ना बंधाई कराने की भी अपील
कार्यपालक अध्यक्ष ने किसानों से गन्ने की फसल की कम से कम दो बार बंधाई कराने की अपील की.
उन्होंने बताया कि गन्ना गिरने से औसतन 20 प्रतिशत तक पैदावार कम हो जाती है. समय पर बंधाई करने से फसल सीधी रहती है, धूप और हवा का बेहतर संचार होता है तथा कीट और रोगों का प्रकोप भी कम होता है. इससे लत्ती का फैलाव रुकता है और जंगली जानवरों की आवाजाही भी घटती है.
गन्ना आईडी बनवाने की सलाह
रविन्द्र कुमार तिवारी ने किसानों से जल्द गन्ना आईडी बनवाने की अपील भी की.
उन्होंने कहा कि गन्ना आईडी बनने से कृषि यंत्रीकरण, गन्ना क्षेत्र विस्तार और गन्ना उद्योग विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ किसानों को आसानी से मिल सकेगा.
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
प्रशिक्षण शिविर में गन्ना उप प्रबंधक प्रेम सिंह, एससीएम सत्येन्द्र राय सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों ने भाग लिया. शिविर में गन्ना उत्पादन बढ़ाने और फसल की सुरक्षा से जुड़े तकनीकी उपायों की भी जानकारी दी गई.
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लेखक के बारे में
By सतीश कुमार पांडेय
सतीश कुमार पांडेय ने वर्ष 2000 में जी न्यूज से पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने चर्चित दस्यु सरगनाओं की रिपोर्टिंग की. बाद में आज और दैनिक जागरण में कार्य किया. वर्ष 2016 से वें प्रभात खबर में कार्यरत हैं. इन्हें क्राइम, प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक तथा खेती-किसानी से जुड़ी खबरों में विशेष रुचि रही है.
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