‘बिना रिश्वत काम नहीं होता!’ मझौलिया में BDC की बैठक में गरजे जनप्रतिनिधि, हंगामा बढ़ा तो बुलानी पड़ी पुलिस

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मझौलिया में प्रखंड विकास समिति (BDC) की बैठक में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा. विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों पर अधिकारियों को घेरने से बैठक हंगामे में तब्दील हो गई, जिसके चलते पुलिस को तलब करना पड़ा.

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मझौलिया न्यूज़: प्रखंड सभागार में शुक्रवार को आयोजित बीडीसी की बैठक उस समय हंगामे और तनाव के बीच बदल गयी, जब जनप्रतिनिधियों ने विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों में कथित भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर अधिकारियों को घेरना शुरू कर दिया. सदन में लगातार बढ़ते आक्रोश और हंगामे को देखते हुए पुलिस को बुलाना पड़ा.

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प्रमुख की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक

प्रखंड प्रमुख सूक्ता मुखी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक की शुरुआत प्रखंड प्रमुख सूक्ता मुखी, बीडीओ डॉ राजीव रंजन कुमार, उप प्रमुख नरेश कुमार, चनपटिया विधायक प्रतिनिधि संदीप कुमार समेत अन्य ने दीप प्रज्वलित कर की. बैठक शुरू होते ही दाखिल-खारिज, आशा बहाली, आंगनबाड़ी, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी शिकायतों का मुद्दा जोर-शोर से उठने लगा.

अंचल कार्यालय पर सबसे ज्यादा बरसे जनप्रतिनिधि, मुखिया आशीष भट्ट उखड़े

बैठक में अंचल कार्यालय को लेकर जनप्रतिनिधियों में खासा आक्रोश दिखा. धोकराहा मुखिया आशीष भट्ट और परसा मुखिया शिवशंकर ठाकुर उर्फ पुतुल ठाकुर ने अंचलाधिकारी डोली कुमारी पर कर्तव्य में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. जनप्रतिनिधियों ने कहा कि दाखिल-खारिज समेत कई कामों को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सदन में यह भी आरोप लगाया गया कि बिना रिश्वत के कई काम नहीं होते.

हंगामा करते जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network
हंगामा करते जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network

आशा बहाली और आवास योजना भी बनी मुद्दा, आत्मदाह की चेतावनी

आशा कार्यकर्ताओं की बहाली में अवैध राशि मांगने का आरोप भी जनप्रतिनिधियों ने लगाया. प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य योजनाओं में भी अनियमितता के आरोप लगाये गये. पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए चार साल बाद भी भूमि उपलब्ध नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया. एक जनप्रतिनिधि ने सदन में चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के अंदर भूमि उपलब्ध नहीं करायी गयी तो वह प्रखंड कार्यालय परिसर में आत्मदाह करेंगे.

पति-पुत्रों की मौजूदगी पर भी उठे सवाल

जदयू प्रखंड अध्यक्ष सह 20 सूत्री प्रखंड उपाध्यक्ष अशोक पटेल ने बीडीसी की बैठक में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जगह उनके पति और पुत्रों की मौजूदगी पर नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि पहले भी बीडीओ से केवल निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया था. बैठक के दौरान बीडीओ डॉ राजीव रंजन कुमार ने ऐसे लोगों को सदन से बाहर जाने के लिए कहा.

हंगामा करते जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network
बैठक ने मौजूद जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network

दो सप्ताह में शिकायतों के निपटारे का निर्देश

बीडीओ डॉ राजीव रंजन कुमार ने कहा कि बैठक में उठायी गयी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में दिया गया है. सभी शिकायतों का दो सप्ताह के अंदर निपटारा करने का निर्देश दिया गया है. निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा. बैठक में उप प्रमुख नरेश कुमार यादव, चनपटिया विधायक प्रतिनिधि संदीप बारी, सांसद प्रतिनिधि रूपेश सिंह, सत्य प्रकाश, आशीष भट्ट, शिवशंकर ठाकुर उर्फ पुतुल, निर्मला तिवारी समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे.

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